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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 27, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Manipur Violance: इंफाल में अज्ञात लोगों ने लगाई खाली पड़े मकानों में आग, पुलिसकर्मियों की छीनी राइफलें

By AgencyEdited By: Ashisha Singh Rajput
Published: Sun, 27 Aug 2023 11:44 PM (IST)

पुलिस ने बताया कि एक अन्य घटनाक्रम में अज्ञात लोगों ने रविवार देर रात करीब दो बजे पूर्व स्वास्थ्य एवं ...और पढ़ें

दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पा लिया।
दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पा लिया।

इंफाल, पीटीआई। मणिपुर की राजधानी इंफाल के न्यू लांबुलाने इलाके में रविवार दोपहर अज्ञात लोगों ने खाली पड़े तीन मकानों में आग लगा दी। दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पा लिया। अधिकारियों ने बताया कि घटना के तुरंत बाद लोग मौके पर एकत्र हो गए और इलाके में तैनात राज्य और केंद्रीय सुरक्षा बलों से उन्हें क्षेत्र में प्रवेश करने की अनुमति देने की मांग की। बाद में भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दागे।

सुरक्षाकर्मियों से छीने गए हथियार

पुलिस ने बताया कि एक अन्य घटनाक्रम में अज्ञात लोगों ने रविवार देर रात करीब दो बजे पूर्व स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण निदेशक के. राजो के आवास की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों से तीन हथियार छीन लिए। घटना इंफाल पश्चिम जिले में सगोलबंद बिजोय गोविंदा इलाके में हुई। उन्होंने बताया कि अज्ञात लोगों ने सुरक्षाकर्मियों से एके सीरीज की दो राइफलें और एक कार्बाइन छीन ली।

घटना की वजह रही परिस्थितियों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। इस बीच, पुलिस ने हथियार बरामद करने और घटना में शामिल लोगों को पकड़ने के लिए कई अभियान शुरू किए हैं।

अपने घरों को लौटना चाहते हैं राहत शिविरों में रह रहे लोग

मणिपुर में तीन महीनों से जारी हिंसा के कारण तंग अस्थाई राहत शिविरों में रहने वाले लोग सरकार से इस अशांति का समाधान निकालने की मांग कर रहे हैं ताकि वे अपने घरों को वापस लौट सकें। उनमें से कुछ लोग अस्थाई आवासों में भी नहीं जाना चाहते हैं जो उन्हें सरकार ने उपलब्ध कराए हैं। उनका कहना है कि यदि वे पूर्वनिर्मित आवासीय इकाइयों में चले जाएंगे तो फिर कभी अपने घरों में नहीं लौट पाएंगे।

राहत शिविर में रह रहे कुछ लोगों ने दी जानकारी

इंफाल पूर्वी जिले के आइडियल ग‌र्ल्स कालेज में स्थापित अस्थाई थोंगजू केंद्र राहत शिविर में रह रहे कुछ लोगों ने कहा कि उन्हें घरों का पुनर्निर्माण करा दिए जाने के सरकार के आश्वासन पर भरोसा नहीं है। भारत-म्यांमार की सीमा से सटे मोरेह शहर के रहने वाले सांतांबी ने कहा, राहत शिविरों में रहते हुए तीन महीने से अधिक समय बीत चुका है। हम यहां कब तक रहेंगे। हम अपना घर वापस चाहते हैं।