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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 09, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पहले अमित शाह से मुलाकात... फिर राज्यपाल को सौंपा इस्तीफा, विधानसभा सत्र से एक दिन पहले बीरेन सिंह ने क्यों छोड़ी कुर्सी?

Published: Sun, 09 Feb 2025 11:30 PM (IST)

विधानसभा सत्र से ठीक एक दिन पहले मणिपुर के सीएम बीरेन सिंह ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया। राज्यपाल ...और पढ़ें

मणिपुर के सीएम ने अपने पद से दिया इस्तीफा। (फोटो- एएनआई)
मणिपुर के सीएम ने अपने पद से दिया इस्तीफा। (फोटो- एएनआई)

HighLights

  1. मणिपुर के सीएम ने अपने पद से दिया इस्तीफा।
  2. विधानसभा के सत्र से एक दिन पहले लिया फैसला।
  3. बीरेन सिंह ने दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी।

आईएएनएस, इंफाल। विधानसभा सत्र शुरू होने से एक दिन पहले मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने रविवार को अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। राजभवन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बीरेन सिंह ने कुछ मंत्रियों और अन्य नेताओं के साथ राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात की और अपना त्यागपत्र सौंप दिया

राज्यपाल ने सिंह से कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में अपने पद पर बने रहने का अनुरोध किया है। इससे पहले बीरेन सिंह ने दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। दिल्ली से लौटने के कुछ ही घंटों बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया।

शनिवार को सचिवालय में हुई थी बैठक

शनिवार को बीरेन सिंह ने सीएम सचिवालय में सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायकों के साथ बैठक की थी। यह बैठक विपक्षी कांग्रेस द्वारा उनकी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारियों के मद्देनजर बुलाई गई थी।

बीरेन सिंह ने मणिपुर में भाजपा को पहली जीत दिलाने के बाद 15 मार्च, 2017 को राज्य के 12वें मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभाला। 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने सत्ता बरकरार रखी। हालांकि, राज्य में मई 2023 में मैतेयी और कुकी समुदाय के बीच भड़की जातीय हिंसा के कारण उनके दूसरे कार्यकाल पर संकट के बादल मंडराने लगे थे।

बीरेन सिंह के इस्तीफे पर क्या बोले राहुल गांधी?

बीरेन सिंह के इस्तीफे पर राहुल गांधी ने तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि करीब दो साल तक बीरेन सिंह ने मणिपुर में विभाजन को बढ़ावा दिया। राज्य में हिंसा और जानमाल की हानि के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें पद पर बने रहने दिया। अब उनके इस्तीफे से पता चलता है कि बढ़ते जन दबाव, सुप्रीम कोर्ट की जांच और कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव ने उन्हें हिसाब-किताब करने पर मजबूर कर दिया है। लेकिन, सबसे जरूरी प्राथमिकता राज्य में शांति बहाल करना और लोगों के घावों पर मरहम लगाना है।

मणिपुर में हिंसा में गई 250 लोगों की जान

राज्य में जातीय हिंसा भड़कने के बाद से 250 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि संभावना है कि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व राज्य के नेताओं से परामर्श करने के बाद अगले कुछ दिनों में नए मुख्यमंत्री की घोषणा कर देगा।

त्यागपत्र में बीरेन सिंह ने क्या लिखा?

राज्यपाल को लिखे पत्र में बीरेन सिंह ने कहा कि वह मणिपुरी के हितों की रक्षा के लिए समय पर की गई कार्रवाई, विकास कार्य और विभिन्न परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए केंद्र सरकार के प्रति अत्यंत आभारी हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से सीमा पर घुसपैठ के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने, अवैध घुसपैठियों को निकालने तथा मादक पदार्थों और नार्को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के लिए नीति तैयार करने का भी अनुरोध किया।

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