मणिपुर: मैतेयी युवकों की हत्या के विरोध में घाटी के पांच जिलों में बंद रहे बाजार, सड़कों पर उतरे लोग
मणिपुर में मैतेयी समुदाय के तीन लोगों की हत्या के विरोध में घाटी के पांच जिलों में 48 घंटे का ...और पढ़ें
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मैतेयी युवकों की हत्या के विरोध में मणिपुर बंद (फोटो- ANI)
HighLights
मैतेयी हत्याओं के विरोध में मणिपुर के पांच जिलों में बंद।
उग्रवादियों की गोलीबारी में तीन मैतेयी लोगों की मौत।
बाजार, शिक्षण संस्थान बंद, जनजीवन प्रभावित हुआ।
डिजिटल डेस्क, मणिपुर। मणिपुर में उग्रवादियों की गोलीबारी में मैतेयी समुदाय के तीन लोगों की हत्या के विरोध में मंगलवार को 48 घंटे के बंद के चलते घाटी के पांच जिलों में जनजीवन प्रभावित रहा। इंफाल पूर्व, इंफाल पश्चिम, बिष्णुपुर, थौबल और काकचिंग में बाजार, शिक्षण संस्थान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। सार्वजनिक परिवहन भी ठप रहा, हालांकि कुछ निजी वाहन चलते दिखे।
सोमवार सुबह इंफाल पूर्वी और कांगपोकपी जिलों की सीमा पर सुनरोक क्षेत्र में जंगल में जलावन की लकड़ी बीन रहे मैतेयी समुदाय के 14 लोगों पर उग्रवादियों ने घात लगाकर हमला कर दिया था। इस गोलीबारी में तीन लोगों की मौत हो गई। हमले में तीन अन्य लोग घायल हो गए, जबकि तीन लोग लापता बताए जा रहे हैं।
नेटिव पीपुल्स कमेटी मणिपुर के सदस्यों ने इंफाल पूर्व, इंफाल पश्चिम जिलों में प्रदर्शन कर सड़कें जाम कीं और प्रदर्शन किया। संगठन ने मंगलवार और बुधवार को बंद का आह्वान किया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि एहतियाती तौर पर राज्य की राजधानी और उसके आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
मणिपुर में घाटी में रहने वाले मैतेयी और पहाड़ी इलाकों के कुकी समुदायों के बीच मई 2023 में शुरू हुए जातीय संघर्ष में 306 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 49 लोग अब भी लापता हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। (समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
