मंदसौर/इंदौर (नईदुनिया)। मध्य प्रदेश के मंदसौर में आठ साल की मासूम से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में नई बात सामने आई है। घटना के बाद जिस लड़के को पीड़िता मिली थी, उसके अनुसार पीड़िता ने उससे कहा था कि तीन अंकल उसे झाड़ियों में छोड़ गए हैं। मालूम हो कि मामले में अभी तक दो आरोपितों इरफान उर्फ भय्यू और आसिफ को गिरफ्तार किया जा चुका है। दोनों से पूछताछ जारी है। एसपी ने पूछताछ के लिए आठ पुलिस अफसरों की एसआइटी भी बनाई है। लड़के की बात की तस्दीक करने के लिए पुलिस अब इरफान और आसिफ की कॉल डिटेल खंगाल रही है।

आज खत्म हो रही इरफान की रिमांड

पुलिस की पूछताछ में अभी तक यह तो पता नहीं चला है कि दोनों आरोपित किसी विचारधारा से प्रभावित हैं। दोनों कम-पढ़े लिखे हैं और इरफान तो आवारागर्दी ही करता रहता था। इस बीच पुलिस ने दोनों आरोपितों की डीएनए जांच के लिए नमूने भेज दिए हैं। एसपी मनोजकुमार सिंह ने बताया कि इरफान की पुलिस रिमांड दो जुलाई (आज) को खत्म हो रही है, पुलिस उसकी फिर रिमांड मांगेगी। इधर, आरोपितों के मोहल्ले वालों ने कहा है कि इन लोगों ने शर्मसार किया है, इन्हें फांसी की सजा मिलनी चाहिए।

यह कहा लड़के ने

जिस लड़के को बदहवास हालत में बच्ची मिली थी उसने बताया कि वह 27 जून को सुबह करीब 11.30 बजे पिता को सब्जी के ठेले पर टिफिन देने जा रहा था, तब झाड़ियों में से दीवार के सहारे निकलकर बालिका आई और बोली कि मुझे मेरे घर छोड़ दो। तब मैंने पूछा कि घर कहां है तो उसने पता बताया। मैंने सोचा कि वहां तक कैसे जाऊंगा, तभी एक अंकल इधर से आते हुए दिखे। उन्हें रोककर पूरी बात कही। तब बालिका से पूछा कि यहां कैसे पहुंची तो उसने बताया कि तीन लोग यहां छोड़ गए थे। इतने में अंकल ने दूसरे लोगों को रोका और पुलिस बुलाने के लिए फोन करने लगे तो लक्ष्मण शाह दरवाजे की तरफ से मोटरसाइकिल पर दो पुलिसकर्मी आ गए। उसके बाद वे दोनों बालिका को लेकर अस्पताल गए।

दिनभर होता रहा प्रदर्शन

घटना के विरोध में नीमच जिले के मोरवन और अठाना रविवार को पूरी तरह बंद रहे। नागरिकों ने पैदल मार्च निकाल कर प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन में आरोपितों को फांसी देने की मांग की। मंदसौर जिले में ज्ञापन, रैली व प्रदर्शनों के दौर चले। सुबह सेवानिवृत्त पेंशनर नागरिक संघ के लोग गांधी चौराहे से रैली निकालकर कंट्रोल रूम पहुंचे और वहां मुख्यमंत्री के नाम सीएसपी को ज्ञापन सौंपा। कुचड़ौद में भी लोगों ने जुलूस निकालकर दोनों आरोपितों के पुतले जलाए। ग्राम कनघट्टी भी पूरी तरह बंद रहा।

बच्ची को कई दिन तक उपचार की जरूरत

इंदौर के एमवाय अस्पताल में भर्ती पीड़िता की हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है, लेकिन अभी कई दिनों तक उसे उपचार की जरूरत है। सतत निगरानी रखकर देखना होगा कि सर्जरी के बाद घाव कितनी जल्दी भर रहे हैं। मुंबई के बॉम्बे हॉस्पिटल से आए पीडियाट्रिक चिकित्सक रवि रामाद्वार ने रविवार दोपहर एमवाय अस्पताल पहुंचकर बच्ची का चेकअप किया और उसकी हालत खतरे से बाहर बताई। मनोचिकित्सक स्वाति प्रसाद व भास्कर प्रसाद ने बच्ची व माता-पिता की काउंसलिंग की। रविवार को पीड़िता ने बिस्किट खाया और पानी भी पीया। वह अब बात भी करने लगी है। जल्द ही उसे आइसीयू से बाहर वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा। डॉक्टरों के अनुसार, इलाज के दौरान उसके स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना जरूरी है, तभी यह पता चलेगा कि उसकी रिकवरी किस तेजी से हो रही है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता पहुंचे

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहनवाज हुसैन भी रविवार सुबह एमवाय अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बताया कि बच्ची के स्वास्थ्य को देखते हुए किसी को भी उससे मिलने की इजाजत नहीं है, इसलिए उन्होंने भी सिर्फ माता-पिता से ही मुलाकात की। उन्होंने राशि जमा होने की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि आरोपित को फास्ट ट्रैक कोर्ट से फांसी की सजा होगी।

Edited By: Nancy Bajpai