'गुजरात में झूठ का प्रोपेगेंडा, न शुद्ध पीने का पानी और न फसल', मल्लिकार्जुन खरगे ने भाजपा पर साधा निशाना
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुजरात में 'हर घर जल' योजना पर कैग रिपोर्ट का हवाला देते हुए भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है।

खरगे ने भाजपा पर गुजरात में झूठा प्रोपेगेंडा चलाने का लगाया आरोप (फोटो-पीटीआई)
HighLights
कैग रिपोर्ट: गुजरात में 90% पानी पीने लायक नहीं।
खरगे ने कहा, भाजपा के 'हर घर जल' दावे झूठे।
दूषित पानी से धोलका में 54 कैंसर मौतें हुईं।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुजरात में हर घर जल योजना के 90 प्रतिशत पानी के नमूने पीने लायक नहीं होने के कैग रिपोर्ट का हवाला देते हुए भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है।
गुजरात के 28 साल के अपने शासन के दौरान लगातार झूठे दावे और प्रोपेगेंडा फैलाने का आरोप लगाते हुए खरगे ने कहा कि पीएम मोदी के के 'हर घर जल' के दावे दूषित पानी में बह गए और हकीकत में गुजरात के लोग पानी की एक बूंद के लिए तरस रहे हैं।
खरगे का भाजपा पर हमला
गुजरात में दूषित पेयजल संबंधी कैग रिपोर्ट के संदर्भ में एक्स पोस्ट पर मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, 'गुजरात में दशकों से भाजपा राज है पर 10 में से नौ सैंपल में पानी पीने लायक नहीं है। जब मोदी जी मुख्यमंत्री थे 2004 में सुजलाम-सुफलाम योजना का ढिंढोरा पीटा गया। आज भी गुजरात की जनता बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही है।'
खरगे ने आगे कहा, 'पीएम बने तो यही जुमलेबाजी जल जीवन मिशन में पहुंच गई। अब कैग ने भाजपा सरकार के 2022 में किए गए 100 प्रतिशत नल कनेक्शन के दावे की भी पोल खोल दी। 14 लाख घर आज भी पानी का इंतजार कर रहे हैं।'
दूषित जल से गुजरात में नागरिकों पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव का उल्लेख करते हुए खरगे ने कहा कि हालत ये है कि अहमदाबाद जिले के धोलका में पिछले हफ्ते ही दूषित पानी पीने के चलते कैंसर से 54 लोगों की मौत की खबर आई है।
सौराष्ट्र में राजकोट और जामनगर जैसे इलाके आज भी पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं। कच्छ-सौराष्ट्र के किसान सूखे से जूझ रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि गुजरात की जनता को 2047 के “विकसित भारत” जैसा सपना दिखाया गया पर 28 सालों से भाजपा राज ने केवल झूठा प्रचार किया, नकली रंगीली तस्वीरें दिखाईं और जनता के आंखों में धूल झोंकी।
खरगे ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा राज में न “सुजलाम” यानि शुद्ध जल है, ना ही “सुफलाम” यानि भरपूर फल और उपजाऊ फसल हैं।
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