मदुरै में उपराष्ट्रपति के मंदिर दौरे पर दो मिनट के लिए बिजली हुई थी गुल, जूनियर इंजीनियर सस्पेंड
मदुरै में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन के मंदिर दौरे के दौरान दो मिनट की बिजली कटौती के मामले में मंदिर ...और पढ़ें
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बिजली गुल होने के मामले में मंदिर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की
HighLights
उपराष्ट्रपति के मंदिर दौरे पर दो मिनट बिजली गुल।
जूनियर इलेक्ट्रिकल इंजीनियर एस. जानकीरमन निलंबित किए गए।
वीवीआईपी दौरे में लापरवाही पर मंदिर प्रशासन की कार्रवाई।
डिजिटल डेस्क, चेन्नई। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन के मीनाक्षी अम्मन मंदिर दौरे के दौरान बिजली गुल होने के मामले में मंदिर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। दो मिनट के लिए बिजली जाने पर मंदिर प्रशासन ने जूनियर इलेक्ट्रिकल इंजीनियर को अस्थायी तौर पर निलंबित कर दिया।
मंदिर प्रशासन ने बताया कि दो दिन पहले हुई घटना के बाद निलंबन के आधिकारिक आदेश जारी किए गए हैं। उस आदेश में बताया कि एस. जानकीरमन नाम के इस इंजीनियर को 31 अक्टूबर से निलंबित कर दिया गया है।
उपराष्ट्रपति और राज्यपाल आए थे मंदिर दर्शन करने
यह अनुशासनात्मक कार्रवाई 'हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती अधिनियम, 1959' की धारा 56 (1) के तहत की गई है। इस आदेश पर अरुलमिगु मीनाक्षी सुंदरेश्वर मंदिर के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की प्रमुख आर. रुक्मणी ने आधिकारिक तौर पर हस्ताक्षर किए हैं। आरोप पत्र के अनुसार, 30 अक्टूबर को उपराष्ट्रपति और तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर के साथ मंदिर में दर्शन के लिए आए थे।
दो मिनट के लिए गई थी बिजली
दर्शन के बाद, जब उपराष्ट्रपति ईस्ट चिथिराई स्ट्रीट पर पत्रकारों से बात कर रहे थे, तब दो मिनट के लिए बिजली चली गई। इस दौरान मंदिर परिसर में अंधेरा छा गया।
प्रशासन के नोटिस में कहा गया है कि एक महत्वपूर्ण वीवीआईपी (VVIP) दौरे के दौरान भारी लापरवाही बरती गई। इसमें यह भी कहा गया है कि इस अधिकारी के कृत्य से राज्य सरकार और मंदिर प्रशासन, दोनों की बदनामी हुई है।
15 दिनों के भीतर मांगा था लिखित जवाब
जानकीरमन को निर्देश दिया गया है कि वे इस चूक के लिए 15 दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण दें। यदि वे तय समय सीमा के भीतर जवाब नहीं देते हैं, तो उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। निलंबन आदेश में यह भी बताया गया है कि यदि वे इन आरोपों को चुनौती देना चाहते हैं, तो उनके पास संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपील करने के लिए 30 दिन का समय है।
बिजली कटौती पर उपराष्ट्रपति ने की थी टिप्पणी
राज्य के बिजली ढांचे पर टिप्पणी करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि मानो देवी खुद देश को यह दिखा रही थीं कि तमिलनाडु में बिजली कटौती की असल स्थिति क्या है। इसी कड़ी में एआईएडीएमके (AIADMK) ने भी प्रशासन की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि ठीक एक दिन पहले, पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी के मंदिर दौरे के दौरान भी इसी तरह बिजली गुल हुई थी।
बिजली मंत्री ने दी सफाई
तमिलनाडु के बिजली मंत्री आर. निर्मल कुमार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि ब्लैकआउट कोई ग्रिड फेलियर नहीं था, बल्कि एक तकनीकी खराबी थी। यह खराबी स्थानीय सबस्टेशन पर तब आई, जब वीआईपी दौरे के लिए मंदिर की बिजली आपूर्ति को एहतियात के तौर पर जनरेटर पर शिफ्ट किया जा रहा था।
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