नीट PG में होगा बड़ा बदलाव! एडमिशन के लिए पर्सेंटाइल की जगह लागू हो सकती है रैंक आधारित व्यवस्था
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने नीट-पीजी और नीट-एसएस काउंसलिंग में परसेंटाइल की जगह रैंक-आधारित प्रणाली लागू करने को सैद्धांतिक मंजूरी दी ...और पढ़ें

HighLights
नीट पीजी में रैंक-आधारित सिस्टम लागू करने की मंजूरी।
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने सैद्धांतिक रूप से प्रस्ताव को स्वीकारा।
दाखिले के लिए अब केवल रैंक जारी की जाएगी।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मेडिकल में पीजी (पोस्टग्रेजुएट) में एडमिशन लेने वालों को जल्द ही बदलाव मिल सकता है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की सैद्धांतिक मंजूरी के बाद ये नया सिस्टम जल्द ही लागू हो सकता है।
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने नीट-पीजी (NEET-PG) और नीट-सुपर स्पेशलिटी (SS) काउंसलिंग के लिए मौजूदा परसेंटाइल-आधारित सिस्टम की जगह रैंक-आधारित सिस्टम लागू करने को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।
केवल रैंक होंगे जारी
नीट-पीजी दाखिले और काउंसलिंग प्रक्रिया की समीक्षा के लिए बनाई गई 12 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को अपनी रिपोर्ट में बताया कि कमीशन एक नए नियम पर काम कर रहा है। इसके तहत केवल रैंक जारी की जाएगी और परसेंटाइल मार्क्स नहीं बताए जाएंगे।
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की बैठक में मिली मंजूरी
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के सचिव द्वारा स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (DGHS) को एक अक्टूबर 2026 को भेजे गए एक पत्र के अनुसार, 23 सितंबर को हुई NMC की बैठक में इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई थी।
सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई
आयोग ने अभी तक नियमों को अंतिम रूप नहीं दिया है। सुप्रीम कोर्ट उन कई याचिकाओं की जांच कर रहा है, जिनमें नीट पीजी 2025 के लिए क्वालिफाइंग कट-ऑफ परसेंटाइल को काफी हद तक कम करने के केंद्र सरकार के फैसले को चुनौती दी गई है।
घटे क्वालिफाइंग स्कोर
संशोधित मानदंडों के तहत, सामान्य श्रेणी के लिए क्वालिफाइंग स्कोर को 276 से घटाकर 103 कर दिया गया है, जबकि एससी/एसटी/ओबीसी (SC/ST/OBC) श्रेणियों के लिए इसे 235 से घटाकर माइनस 40 कर दिया गया है। यह रिपोर्ट वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह के सुझावों पर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद तैयार की गई है; वे 'एमिकस क्यूरी' (न्याय मित्र) के रूप में सुप्रीम कोर्ट की सहायता कर रहे हैं।
नियम बनाने की प्रक्रिया जारी
एनएमसी नए नियम लाने की प्रक्रिया में है, जिन्हें अभी अंतिम रूप दिया जाना बाकी है। इन नियमों के तहत, नीट पीजी और एसएस (SS) काउंसलिंग के लिए केवल रैंक-आधारित प्रणाली अपनाई जाएगी। नतीजों में कोई परसेंटाइल अंक नहीं बताए जाएंगे, बल्कि उम्मीदवारों को केवल रैंक दी जाएगी।
एनएमसी के सचिव ने एक अक्टूबर को डीजीएचसी को इस बाबत एक लेटर लिखा है। इसमें नीट पीजी और नीट एसएस के लिए मौजूदा परसेंटाइल-आधारित प्रणाली को बदलकर रैंक-आधारित मेरिट प्रणाली लागू करने का प्रस्ताव दिया गया है। इस प्रस्ताव पर अभी आयोग विचार कर रहा है।
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