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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 25, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सद्भावना सौगात में पाकिस्तान व श्रीलंका ने छोड़े भारतीय मछुआरे

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Published: Sun, 25 May 2014 03:04 PM (IST)Updated: Sun, 25 May 2014 07:54 PM (IST)

नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। भारत के नए प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत से पहले पाकिस्तान और श्रीलंका ने ...और पढ़ें

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नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। भारत के नए प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत से पहले पाकिस्तान और श्रीलंका ने सद्भावना का कदम उठाते हुए 150 से ज्यादा भारतीय मछुआरों को रिहा किया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने भारत आगमन से पहले अपनी जेलों में बंद भारतीय मछुआरों को रिहा करने के आदेश दिए।

मनोनीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका स्वागत करते हुए सोशल नेटवर्किग साइट ट्विटर पर एक संदेश में कहा, 'मैं पाकिस्तान और श्रीलंका के इस कदम का स्वागत करता हूं। मैं भारत लौट रहे सभी मछुआरों का वतन वापसी पर इस्तकबाल करता हूं।' सोमवार शाम शपथ लेने जा रहे मोदी ने पाकिस्तान, श्रीलंका समेत सभी सार्क देशों और मॉरीशस के प्रतिनिधियों की आमद पर खुशी जताते हुए कहा कि इससे कार्यक्रम और भी यादगार हो जाएगा।

नवाज शरीफ सोमवार सुबह भारत पहुंच रहे हैं। इससे पहले पाकिस्तान ने कराची की मलेर जेल में बंद 59 और हैदराबाद की नारा जेल में बंद 92 भारतीय मछुआरों को रिहा कर दिया। जेल से छूटे सभी मछुआरे सोमवार को वाघा सीमा के रास्ते भारत पहुंचेंगे। भारत की नई सरकार के प्रति दोस्ती का कुछ ऐसा ही रुख दिखाते हुए श्रीलंका ने भी अपनी जेलों में बंद सभी भारतीय मछुआरों को छोड़ने की घोषणा की। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा, हम श्रीलंका से रिहा हुए पांच भारतीय मछुआरों के देश लौटने का इंतजार कर रहे हैं। इससे पहले श्रीलंका ने गत मार्च में उस वक्त भारतीय मछुआरों को रिहा किया था जब भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में श्रीलंका के खिलाफ आए पश्चिमी देशों के प्रस्ताव पर मतदान में भाग नहीं लिया था।

पाकिस्तान और श्रीलंका के साथ रिश्तों में भारतीय मछुआरों का दोनों मुल्कों के सुरक्षा बलों द्वारा पकड़ा जाना एक मुद्दा है। पाकिस्तान की जेलों में बंद ज्यादातर भारतीय मछुआरे गुजरात के तटीय इलाकों के बताए जाते हैं।

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