यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 28, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'मराठी परिवार होना मेरी सबसे बड़ी भूल...', मंत्री पद न मिलने पर NCP नेता ने क्यों कहा ऐसा; अजित पवार पर कसा तंज
NCP MLA Prakash Solanke एनसीपी नेता प्रकाश सोलंके ने मराठा होने के कारण मंत्री पद से वंचित रहने का आरोप ...और पढ़ें

HighLights
- मंत्री पद न मिलने पर NCP विधायक प्रकाश सोलंके का छलका दर्द।
- ओबीसी समुदाय से होता तो अब तक मंत्री बन गया होता: प्रकाश
- मराठी परिवार से होना मेरी सबसे बड़ी गलती है: प्रकाश
पीटीआई, छत्रपति संभाजीनगर। महाराष्ट्र में मराठा अधिकार की आवाज अब सत्तापक्ष के खेमे में भी दस्तक देने लगी है। एनसीपी नेता प्रकाश सोलंके ने इसे लेकर अपनी की सरकार पर हमला बोल दिया है। उनका कहना है कि उन्हें अभी तक मंत्री पद नहीं मिला, जिसकी सबसे बड़ी वजह उनका मराठी होना है।
प्रकाश सोलंके चार बार मालेगांव से विधायक रह चुके हैं। रविवार को बीड में मीडिया से बात करते हुए प्रकाश ने कहा कि बीड में मराठा ही एनसीपी को मजबूत बनाते हैं। हालांकि जब मंत्री पद या गार्जियन मंत्री बनाने की बात आती है तो पार्टी मराठाओं को ही नजरअंदाज कर देती है।
धनंजय मुंडे पर दिया बयान
प्रकाश सोलंके ने पार्टी नेता अजित पवार और पूर्व मंत्री धनंजय मुंडे पर भी तंज कसा है। उन्होंने कहा धनंजय मुंडे की जांच पूरी होने के बाद अगर उन्हें क्लीन चिट मिली, तो उन्हें फिर से मंत्री बना दिया जाएगा। उन्होंने कहा-
एनसीपी के सभी नेता चाहे वो शरद पवार हों या अजित पवार, सब सिर्फ ओबीसी समुदाय के लोगों को ही तवज्जो देते हैं। बीड में मराठा समुदाय एनसीपी का बड़ा समर्थन रहा है। मगर मंत्रीपद हमेशा ओबीसी या पिछले समुदाय के लोगों को मिलता है।
प्रकाश सोलंके ने इसके लिए पार्टी की विचारधारा को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है ज्योतिबा फुले, राजश्री साहू महाराज और बीआर अंबेडकर की विचारधार पर चलने के कारण पार्टी ओबीसी और पिछले वर्गों को ज्यादा अहमियत देती है।
मराठी होना गलती: प्रकाश सोलंके
प्रकाश सोलंके के अनुसार, कैबिनेट बनते समय मंत्री पद के लिए कई नाम सामने आते हैं। मगर मंत्री वही बनता है, जिसका नाम पार्टी नेतृत्व के द्वारा आगे रखा जाता है। प्रकाश सोलंके ने कहा-
मेरे और मंत्री पद के बीच में मेरी जाति आ जाती है। अगर मैंने ओबीसी परिवार में जन्म लिया होता, तो आज मुझे मंत्री बनने का मौका मिल चुका होता। मगर, मैं मराठा समुदाय से ताल्लुक रखता हूं। मुझे लगता है यही मेरी सबसे बड़ी गलती है।
महाराष्ट्र में गर्माया मुद्दा
बता दें कि महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण और मराठी भाषा को लेकर पहले से संग्राम छिड़ा हुआ है। खासकर सियासी गलियारों में विपक्षी पार्टियां मराठा वोट बैंक को अपने पक्ष में करने के लिए यह मुद्दा जोर-शोर से उठा रही हैं। ऐसे में सत्ताधारी विधायक प्रकाश सोलंके के बयान विपक्ष के मुद्दों को हवा दे सकता है।
