जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। महाराष्ट्र में सरकार के गठन को लेकर चल रहा घमासान सुप्रीम कोर्ट के साथ साथ संसद में भी छाया रहा। संसद के दोनों सदनों में सोमवार सुबह से ही इस मसले को विपक्ष ने जोरदार तरीके से उठाया। लोकसभा में तो कांग्रेस के सदस्यों ने वेल में आकर बैनर और प्लेकार्ड लहराये और नारेबाजी की। स्पीकर के आदेश पर मार्शलों द्वारा रोके जाने पर उनकी कांग्रेसी सांसदों के साथ झड़प व धक्कामुक्की भी हुई। कांग्रेस के दो सांसदों को बाद में स्पीकर ने दिन भर की कार्यवाही से निलंबित कर दिया। संसद की कार्यवाही दो बार स्थगित होने के बाद अंतत: मंगलवार दो बजे तक के लिए स्थगित हो गई।

कांग्रेस सांसद भाजपा विरोधी नारेबाजी करते वेल में पहुंचे

सोमवार सुबह लोकसभा की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई कांग्रेस के सदस्य महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर भाजपा विरोधी नारेबाजी करते हुए वेल में प्रवेश कर गए। सांसदों ने 'स्टॉप मर्डर ऑफ डेमोक्रेसी' लिखा हुआ एक बड़ा बैनर भी लिया हुआ था। इसके अलावा सांसद नारे लिखे हुए प्लेकार्ड भी लहरा रहे थे। इसे देखते हुए स्पीकर ने सख्त लहजे में सांसदों को अपनी सीट पर लौटने और बैनर प्लेकार्ड हटाने को कहा। स्पीकर के बार बार कहने के बावजूद कांग्रेसी सांसदों का शोरशराबा और नारेबाजी जारी रही। बाद में स्पीकर ने एक मिनट का समय देने के बाद मार्शलों को बैनर पकड़े हुए दो कांग्रेसी सांसदों हीबी ईडन और टीएन प्रतापन को बाहर ले जाने का आदेश दिया। मार्शलों के आगे बढ़ते ही कांग्रेस के सभी सांसद ईडन और प्रतापन के नजदीक आ गए और मार्शलों का उन्हें बाहर करने का प्रयास धक्कामुक्की और खींचतान में तब्दील हो गया। मामला बढ़ता देख स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। कांग्रेस के इस हंगामे के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी दोनों सदन में उपस्थित थे।

हंगामे में केवल कांग्रेस के सांसदों ने ही हिस्सा लिया!

12 बजे सदन के फिर बैठने पर सभापति ने तत्काल कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। कांग्रेस का विरोध और हंगामा दोपहर दो बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद भी जारी रही। कांग्रेस सदस्यों ने सदन का कामकाज नहीं होने दिया। इस पर स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को मंगलवार दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। सदन के दोनों सदनों में महाराष्ट्र को लेकर हुए हंगामे में केवल कांग्रेस के सांसदों ने ही हिस्सा लिया। शिवसेना और एनसीपी के सांसद दोनों सदनों की कार्यवाही में शामिल नहीं हुए।

सिर्फ हंगामा ही हंगामा

उधर, राज्यसभा में भी महाराष्ट्र के मुद्दे पर कांग्रेसी समेत विपक्षी सांसदों का शोर शराबा और हंगामा जारी रहा। दो बजे कार्यवाही फिर से शुरू होने के बाद डिप्टी चेयरमैन हरिवंश ने कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसलिए इस पर चर्चा नहीं हो सकती। इस पर कांग्रेसी सांसदों ने सुबह केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के बोलने पर ऐतराज जताया। नकवी ने सुबह के सत्र में कहा कि राज्यपाल के फैसले पर चर्चा केवल उचित प्रस्ताव देने पर ही हो सकती है और ऐसा कोई प्रस्ताव विपक्ष की तरफ से नहीं दिया गया है।

राहुल ने कहा- सवाल पूछने का कोई मतलब नहीं

सोमवार को लोकसभा में होने वाले प्रश्नकाल में पहला प्रश्न कांग्रेस नेता राहुल गांधी का था। स्पीकर ने उनका नाम पुकारा, लेकिन तब तक कांग्रेसी सांसद शोर शराबा शुरू कर चुके थे। अलबत्ता राहुल को खड़ा देख कुछ देर के लिए सदन में चुप्पी हुई और राहुल ने कहा 'महाराष्ट्र में लोकतंत्र की हत्या हुई है। ऐसे में मेरे सवाल पूछने का कोई मतलब नहीं है।' इस पर सोनिया गांधी समेत कांग्रेसी सांसदों ने मेजें थपथपाकर राहुल के बयान का समर्थन किया।

 

Posted By: Tilak Raj

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