जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। बालाकोट में जैश-ए-मुहम्मद के प्रशिक्षण शिविर पर एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई के दौरान भारत ने पाकिस्तान के एक एफ-16 विमान को मार गिराया था। लेकिन पाकिस्तान लगातार इससे इन्कार कर रहा है। भारतीय मीडिया की एक पड़ताल से पता चला है कि पाकिस्तानी सेना के कहने पर पुलिस गुलाम कश्मीर में उस एफ-16 विमान के मलबे की सुरक्षा कर रहे है।

एक पत्रिका की टीम ने पाकिस्तानी सेना के खुफिया अधिकारी बनकर वहां के लोगों और अधिकारियों को फोन किए और इस बारे में उन्हें टटोला। गुलाम कश्मीर के भिंबर में जब एक पुलिसकर्मी को फोन लगाया गया तो उसने बताया कि पाकिस्तानी सेना की सख्त हिदायत थी कि जेट विमान तबाह होने से जुड़ी कोई भी जानकारी बाहर न जाने पाए। जब उससे पूछा गया यह निर्देश किसने दिए थे, तो उसने बताया कि यह फैसला सेना अधिकारियों के साथ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की बैठक में लिया गया था।

पड़ताल में यह भी पता चला है कि भारतीय वायु सेना ने बालाकोट में आंतकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया था। लेकिन इस एयर स्ट्राइक को पाकिस्तानी सरकार और सेना से लेकर आम नागरिक भी भारत का प्रोपेगेंडा बताकर झूठ साबित करने पर तुले हैं। बालाकोट स्थित मस्जिद में काम करने वाले मोहम्मद नईम ने बताया कि इस एयर स्ट्राइक में न सिर्फ आतंकियों के ठिकाने तबाह हुए बल्कि इसमें पाकिस्तानी सेना के चार-पांच जवान भी मारे गए। इससे साफ है कि जैश के आतंकी ठिकानों को पाकिस्तानी सेना का संरक्षण मिला हुआ था। मस्जिद के इमाम रहमान ने भारतीय वायु सेना की एयर स्ट्राइक को कयामत का मंजर करार दिया। उसने आतंकी ठिकानों के बुरी तरह तबाह होने की पुष्टि भी की।

इस पड़ताल पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इन सुबूतों के बाद विपक्ष को सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए। विपक्ष ने एयर स्ट्राइक पर सवाल उठाकर खुद को शर्मसार किया है। देश की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है और इसके लिए मोदीजी दिन-रात काम कर रहे हैं।

 

Posted By: Sachin Bajpai

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