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संकट में विजय का फ्लोर टेस्ट? TVK उम्मीदवार के 'विधायक' बनने पर मद्रास हाई कोर्ट की रोक

Published: Tue, 12 May 2026 01:30 PM (GMT+05:30)

मद्रास हाईकोर्ट ने अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी टीवीके के उम्मीदवार आर. श्रीनिवासा सेतुपति को विधायक पद की ...और पढ़ें

मद्रास हाईकोर्ट ने आर. श्रीनिवासा सेतुपति को विधायक के तौर पर शपथ लेने से रोक दिया है

मद्रास हाईकोर्ट ने आर. श्रीनिवासा सेतुपति को विधायक के तौर पर शपथ लेने से रोक दिया है

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तमिलनाडु में अभिनेता से राजनेता बने विजय की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले चुनावों में विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कजगम बहुमत के आंकड़े से पीछे रह गई, फिर जैसे-तैसे अन्य दलों से समर्थन के बाद शपथग्रहण हुई। लेकिन अब फ्लोर टेस्ट से पहले एक और संकट खड़ा होता नजर आ रहा है।

दरअसल मद्रास हाईकोर्ट ने टीवीके के उम्मीदवार आर. श्रीनिवासा सेतुपति को विधायक के तौर पर शपथ लेने से रोक दिया है। आर. श्रीनिवासा सेतुपति ने तिरुपत्तूर सीट से चुनाव लड़ा था और उन्हें महज 1 वोट से जीत हासिल हुई थी। इस सीट पर डीएमके उम्मीदावार के.आर. पेरियाकरुप्पन से उनका मुकाबला था।

1 वोट से मिली जीत

जब चुनाव के नतीजे घोषित हुए तो श्रीनिवासा सेतुपति को 83,375 वोट मिले। वहीं पेरियाकरुप्पन को 83,374 वोट ही मिल पाए। मात्र एक वोट के अंतर से श्रीनिवासा सेतुपति को जीत हासिल हुई। लेकिन अब पेरियाकरुप्पन इसे लेकर हाई कोर्ट पहुंच गए हैं।

पेरियाकरुप्पन ने डाक वोटों की गिनती में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। मद्रास हाई कोर्ट ने फिलहाल सेतुपति को विधायक पद की शपथ लेने से रोक दिया है। कोर्ट की इस रोक का मतलब यह भी है कि सेतुपति फ्लोर टेस्ट में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।

फ्लोर टेस्ट में साबित करना होगा बहुमत

तमिलनाडु की 234 सीटों में टीवीके को 108 सीटें मिली हैं। इसमें दो सीटों पर विजय ने जीत हासिल की है, ऐसे में एक सीट छोड़ने पर कुल आंकड़ा 107 का रह जाएगा। बहुमत साबित करने के लिए कम से कम 118 विधायकों का समर्थन जरूरी है।

भले ही कांग्रेस, सीपीआई, सीपीआईएम और वीसीके ने विजय को समर्थन का एलान किया हो, लेकिन असली परीक्षा फ्लोर पर होगी। 4 बार राज्यपाल से मिलने के बाद विजय को रविवार को शपथ दिलाई गई थी। अब उन्हें फ्लोर टेस्ट में बहुमत साबित करना होगा, जिसके बुधवार को होने की संभावना है।

विजय को अन्य दलों के समर्थन के एलान के बाद कुल आंकड़ा 121 का हो जाता है। इसका मतलब यह है कि सेतुपति अगर वोट नहीं भी दे पाए, तो भी टीवीके को फ्लोर टेस्ट में कोई दिक्कत नहीं आने वाली है। लेकिन राजनीति में किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए सेतुपति की शपथ पर रोक लगना विजय के लिए चिंता बढ़ाने वाला हो सकता है।

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