यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 14, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
केजेएस ढिल्लन बोले- पुलवामा हमले के सौ घंटे के भीतर कर दिया था आतंकी माड्यूल का खात्मा
लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) केजेएस ढिल्लन ने कहा कि जहां तक सवाल पाकिस्तान की ओर से हो रही घुसपैठ का है ...और पढ़ें

नई दिल्ली, एएनआइ। पुलवामा में वर्ष 2019 में हुए आतंकी हमले के दौरान जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर स्थित 15वीं कोर के कमांडर रहे लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) केजेएस ढिल्लन का कहना है कि सुरक्षा बलों ने हमले के सौ घंटों के भीतर पाकिस्तानी नागरिक कामरान के नेतृत्व वाले हमले में शामिल माड्यूल को खत्म कर दिया था।
लेफ्टिनेंट जनरल ढिल्लन ने यह भी कहा कि जैश ए मोहम्मद के खिलाफ सुरक्षा बलों के आपरेशन के बाद आतंकियों में मौत का इतना खौफ था कि कोई भी आतंकी संगठन का नेतृत्व नहीं करना चाहता था। उन्होंने बताया, हमने ऐसी काल इंटरसेप्ट की थीं जिनमें पाकिस्तान ने आतंकियों से नेतृत्वकर्ता की भूमिका निभाने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने इन्कार कर दिया।
लेफ्टिनेंट जनरल ढिल्लन ने कहा, 'पाकिस्तानी सेना, आइएसआइ और आतंकी संगठन आपसी सामंजस्य के साथ काम करते हैं। इसलिए पाकिस्तानी सेना की सक्रिय हिस्सेदारी और मार्गदर्शन के बिना कोई भी नियंत्रण रेखा पार नहीं कर सकता। गुलमर्ग सेक्टर में हमने नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी नागरिकों को पकड़ा था जिन्हें हमारी पोस्ट के सामने वाली पाकिस्तानी पोस्ट द्वारा नियंत्रण रेखा पर लाया गया था।'
बता दें कि साल 2019 में 14 फरवरी को पुलवामा हमला हुआ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने 2019 में पुलवामा में आतंकवादी हमले में वीरगति पाने वाले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों को सोमवार को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर पीएम ने कहा कि जवानों की बहादुरी और सर्वोच्च बलिदान ने देशवासियों को देश को मजबूत और समृद्ध बनाने की दिशा में काम करने को प्रेरित किया।
उल्लेखनीय है दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवानों ने वीरगति पाई थी। इस हमले के जवाब में भारतीय वायु सेना ने 26 फरवरी, 2019 को पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाते हुए एक हवाई हमला किया था।