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संसद में नहीं चलेंगे स्मार्ट गैजेट्स और धरने-प्रदर्शन, मानसून सत्र से पहले लोकसभा सचिवालय की एडवाइजरी

Published: Wed, 15 Jul 2026 11:30 PM (IST)

लोकसभा सचिवालय ने आगामी मानसून सत्र से पहले सांसदों को स्मार्ट गैजेट्स के उपयोग और संसद परिसर में विरोध प्रदर्शनों को लेकर एडवाइजरी जारी की है।

मानसून सत्र से पहले लोकसभा सचिवालय की एडवाइजरी। (फाइल)

मानसून सत्र से पहले लोकसभा सचिवालय की एडवाइजरी। (फाइल)

HighLights

  1. सांसदों को स्मार्ट गैजेट्स के उपयोग पर सतर्क रहने की सलाह।

  2. संसद परिसर में विरोध प्रदर्शनों, नारों और पोस्टरों पर प्रतिबंध।

  3. सुरक्षा और सदस्यों की निजता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले लोकसभा सचिवालय ने सांसदों को स्मार्ट वॉच, स्मार्ट चश्मे और अन्य आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल को लेकर सतर्क किया है। सचिवालय ने कहा है कि ऐसे उपकरणों का उपयोग इस तरह नहीं किया जाना चाहिए, जिससे संसद परिसर में सदस्यों की सुरक्षा, विशेषाधिकार और निजता प्रभावित हो।

लोकसभा सचिवालय की ओर से बुधवार को जारी एजवाइजरी में कहा गया कि देश में स्मार्ट चश्मे, पेन कैमरा, स्मार्ट वॉच जैसे कई उन्नत उपकरण आसानी से उपलब्ध हैं। इनमें से कुछ उपकरणों का इस्तेमाल सदस्यों की निजता भंग करने और संसदीय विशेषाधिकारों के उल्लंघन के लिए किया जा सकता है। इसलिए सांसदों से अनुरोध किया गया है कि वे संसद भवन परिसर में ऐसे उपकरणों का उपयोग जिम्मेदारी से करें।

20 जुलाई से शुरू होगा संसद का मानसून सत्र

संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। सत्र से पहले सचिवालय ने सांसदों को संसद परिसर में प्रदर्शन, धरना, पोस्टर या तख्तियां दिखाने, हथियार ले जाने और धार्मिक अनुष्ठान करने जैसी गतिविधियों से भी दूर रहने की सलाह दी है। एक अन्य बुलेटिन में लोकसभा सचिवालय ने कहा कि एआई से तैयार किए गए आपत्तिजनक चित्र, नारे और पोस्टर संसद परिसर में प्रदर्शित नहीं किए जाने चाहिए।

संसद परिसर में हथियार, बैनर, पोस्टर, प्लेकार्ड पर रोक

सचिवालय ने सांसदों से संसद भवन के प्रवेश द्वारों के सामने विरोध प्रदर्शन नहीं करने का आग्रह किया, क्योंकि इससे सदस्यों के आवागमन में बाधा आती है और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। सचिवालय ने संसद परिसर में हथियार, बैनर, पोस्टर, प्लेकार्ड, लाठी, भाला, तलवार और अन्य वस्तुएं लाने पर भी रोक संबंधी नियमों की याद दिलाई है।

अधिकारियों ने कहा कि संसद भवन के रास्तों और क्षेत्रों को सांसदों के लिए सुगम और सुरक्षित बनाए रखना जरूरी है। गौरतलब है कि पिछले कई संसद सत्रों में विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन, नारेबाजी और तख्तियां दिखाने के कारण कार्यवाही बाधित होती रही है। पिछले बजट सत्र में भी कुछ निलंबित सांसदों ने संसद के गेट पर कई दिनों तक प्रदर्शन किया था।

(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)