कोलंबो, प्रेट्र।  श्रीलंका के जेल प्रबंधन राज्यमंत्री लोहान रातवट्टे ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। 12 सितंबर को देश के उत्तरी मध्य क्षेत्र में अनुराधापुरा जेल के दौरे के दौरान उन्होंने तमिल कैदी को मार डालने की धमकी दी थी। तमिल राजनीतिक दलों ने मंत्री के इस्तीफे और घटना को लेकर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की थी। दबाव बढ़ने के बाद रातवट्टे ने इस्तीफा सौंप दिया। राष्ट्रपति भवन के प्रवक्ता किंग्स्ले रतनायके ने बताया कि श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने इस्तीफा मंजूर कर लिया है।

रातवट्टे 12 सितंबर को अनुराधापुरा जेल गए थे और दो कैदियों को उन्होंने घुटनों के बल बैठने के लिए मजबूर किया और उन्हें मार डालने की धमकी दी। तमिल पार्टियों ने इसकी निंदा की और उनके इस्तीफे की मांग की। तमिल नेशनल अलायंस ने ट्वीट में कहा था, 'हमने सरकार से राज्यमंत्री को तुरंत ही जेल प्रबंधन से हटाने और उन्हें आरोपित और गिरफ्तार करने की मांग की है। शनिवार 12 सितंबर को अनुराधापुरा जेल में कैदी को धमकी देने की तुरंत जांच कराने को कहा है।'

इस घटना की पुष्टि एक अन्य तमिल पार्टी तमिल नेशनल पीपुल्स फ्रंट के नेता गलेन पूनाम्बलम ने भी की है। उन्होंने दावा किया कि रातवट्टे ने  तमिल कैदियों को जान से मारने की धमकी दी थी। ऐसी खबर भी मिली है कि उत्तरी मध्य शहर अनुराधापुर रवाना होने से पहले मंत्री ने अपने मित्रों के एक समूह को फांसी का तख्त दिखाने के लिए देर रात कोलंबो में मुख्य जेल का दौरा किया था। स्थानीय मीडिया की खबरों में कहा गया है कि हालांकि, मंत्री के कार्यालय ने मंत्री की संलिप्तता वाली ऐसी किसी घटना से इनकार किया है।

देश में नियुक्त संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि ने भी इस कथित घटना की निंदा की है। कोलंबो गजट न्यूज पोर्टल की खबर के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि हान सिंगर हामदी ने कहा कि सरकार का यह कर्तव्य है कि वह कैदियों के अधिकारों का संरक्षण करे।

Edited By: Monika Minal