नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। सीमावर्ती राज्यों से टिड्डी दलों का हमलावर दल राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की सीमा तक चढ़ आया है। गुजरात, राजस्थान, पंजाब के बाद अब मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड के जिलों में टिड्डी दलों के हमले को लेकर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। टिड्डी दलों का प्रकोप लगातार बढ़ता ही जा रहा है। मौसम में गरमी के प्रकोप से इनका हमला और तेज हो गया है। देश टिड्डी दलों के प्रकोप को काबू पाने के लिए चलाये जा रहे अभियान के साथ भारत ने टिड्डी उन्मूलन के लिए ईरान व अफगानिस्तान को भारत ने मदद देने का दिया भरोसा है। लेकिन इसके लिए प्रभावित क्षेत्रीय देशों की बुलाई बैठक में पाकिस्तान ने हिस्सा नहीं लिया।

सीमावर्ती राज्यों से आगे बढ़कर बुंदेलखंड के साथ मथुरा व बुलंदशहर तक पहुंचे

सीमावर्ती राज्य गुजरात, राजस्थान, राजस्थान व पंजाब में टिड्डियों का हमला तेज हो गया है। लेकिन तापमान बढ़ने के साथ उनका हमला और आगे बढ़ गया है। सेंट्रल इंडिया के रास्ते उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड के जिलों में पिछले सप्ताह ही उनका दल पहुंचने लगा था।

कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक टिड्डियों का दल अब औरैया, इटावा, एटा, फर्रुखाबाद, फिरोजाबाद, आगरा, मथुरा, बुलंदशहर तक उनका काफिला पहुंचने लगा है। राज्य प्रशासन ने 10 जिलों में हाई अलर्ट कर दिया है। राजस्थान और हरियाणा के मेवात होते हुए टिड्डियों का दल राजधानी दिल्ली ओर बढ़ रहा है। हालांकि केंद्र सरकार के साथ राज्य प्रशासन पूरी मुस्तैदी से उनका समूल नाश करने में जुटा है।

बुलंदशहर व मथुरा के साथ मेवात में नष्ट करने लगे हरियाली

टिड्डी मसले पर भारत ने पाकिस्तान को बैठक साझा अभियान चलाने की बात कही थी। दरअसल, ईरान की ओर से आने वाला टिड्डियों का झुंड पाकिस्तान होते हुए भारतीय सीमाओं पर हमला करता है। इससे तीनों देशों की खेती व बागवानी को भारी नुकसान होता है। अफ्रीका के अधिकतम देश टिड्डी दलों से तंग हैं। खेती नष्ट होने से यहां हर साल हजारों लोग भुखमरी की समस्या से जूझते हैं।

भारत के प्रस्ताव पर ईरान के साथ मिलकर कार्य करने के लिए तैयार है। लेकिन पाकिस्तान की ओर से अभी तक इस पर कोई सुगबुगाहट नहीं मिल पाई है। जबकि इसमें उपयोग किए जाने वाले कीटनाशकों की पूरी मात्रा का खर्च भारत उठाने को तैयार है। भारत ने ईरान को भी कीटनाशक भेजने का प्रस्ताव रखा है, ताकि टिड्डियों को उनकी पैदाइश के स्थल पर ही मार दिया जाए।

 

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