बुरहानपुर, जेएनएन। महाराष्ट्र के मुंबई से उप्र जा रही श्रमिक विशेष ट्रेन में शनिवार सुबह करीब साढ़े चार बजे 30 वर्षीय रीता पत्नी उदयभान यादव को प्रसव पीड़ा हुई। उदयभान ने तत्काल रेलवे के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर मदद मांगी। रेलवे ने स्टॉपेज नहीं होने के बावजूद ट्रेन को मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में रोक दिया।

प्रसूता रीता को जिला अस्पताल भेजा गया। सुबह करीब 7.30 रीता ने बेटे को जन्म दिया। बच्चे के पिता ने इसे यादगार बनाने के लिए बेटे का नाम 'लॉकडाउन यादव' रख दिया। मां और नवजात स्वस्थ हैं। बुरहानपुर के एसडीएम केआर बड़ोले ने बताया कि कलेक्टर प्रवीण सिंह के निर्देश पर मां-बच्चे के लिए नए कपड़े मंगवाए। पति-स्वजनों को सैनिटाइजर, मास्क, भोजन पैकेट और रास्ते में खर्च के लिए पांच हजार रपये दिए गए।

कलेक्टर ने एसी कार से घर किया रवाना

दोपहर बाद कलेक्टर सिंह ने प्रशासन की ओर से पूरे परिवार को एसी कार से उनके घर उत्तर प्रदेश के आंबेडकर नगर रवाना किया। कलेक्टर सिंह ने बताया कि यादव दंपती को हमने अतिथि का दर्जा देकर पूरा सहयोग किया। सात साल बाद किलकारी गूंजी दैनिक जागरण के सहयोगी अखबार  'नईदुनिया' से चर्चा में उदयभान यादव ने कहा कि वे मुंबई में फिटर का काम करते हैं। 2013 में रीता से शादी हुई और सात साल बाद उनके घर किलकारी गूंजी है। लॉकडाउन में ट्रेन के मुश्किल सफर, प्रसव पीड़ा के बीच रेलकर्मी, कलेक्टर और पुलिस प्रशासन फरिश्ते की तरह सामने आए। हम सभी का दिल से आभार मानते हैं। इस अवसर को यादगार बनाने के उद्देश्य से उन्होंने बेटे का नाम 'लॉकडाउन यादव' रखा है।

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