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'मुजफ्फरनगर के 'आजम' ने कराया दंगा'

मुजफ्फरनगर हिंसा के मामले में राकेश टिकैत ने सपा के एक स्थानीय नेता पर इशारों-इशारों में साफ आरोप लगाते हुए यहां तक कह डाला कि हिंसा के पीछे रामपुर के आजम नहीं, बल्कि मुजफ्फरनगर के 'आजम' दोषी हैं।

By Edited By: Fri, 27 Sep 2013 01:08 PM (IST)

मेरठ, संजीव जैन। मुजफ्फरनगर हिंसा के मामले में राकेश टिकैत ने सपा के एक स्थानीय नेता पर इशारों-इशारों में साफ आरोप लगाते हुए यहां तक कह डाला कि हिंसा के पीछे रामपुर के आजम नहीं, बल्कि मुजफ्फरनगर के 'आजम' दोषी हैं।

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भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने गुरुवार को दिल्ली जाते हुए मेरठ के गगन विहार स्थित नीलकंठ आश्रम में जागरण से विशेष बातचीत की। उन्होंने कहा कि 27 अगस्त से सात सितंबर तक मुजफ्फरनगर के एक स्थानीय नेता के कहने पर पुलिस प्रशासन की जुंबा सिली रही। दो आला अफसरों ने जबान खोली, तो उनका तबादला हो गया। कवाल प्रकरण के आरोपियों को थाने से छुड़वाया गया,इसी के बाद आक्रोश भड़का।

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राकेश टिकैत ने बताया कि कवाल प्रकरण के बाद डीएम व एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने कवाल में तलाशी अभियान चलाकर गौरव व सचिन की हत्या के आरोपी सात लोगों को हिरासत में ले लिया। इन आरोपियों को छुड़वाने के लिए मुजफ्फरनगर सपा के एक नेता जानसठ थाने में रात को ही गए और आरोपियों को छुड़वा दिया। मृतक सचिन व गौरव के परिजन इन्हीं आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अफसरों से बात करते रहे, पर कुछ नहीं हुआ। राकेश ने कहा कि 30 अगस्त को मुजफ्फरनगर के शहीद चौक पर सपा प्रदेश सचिव राशिद सभा में मौजूद थे,लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। बकौल राकेश टिकैत 9 सितंबर को सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव से बातकर उन्होंने पूरा प्रकरण बताया। इसके बाद साप के इस स्थानीय नेता का हस्तक्षेप कुछ कम हुआ।

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उन्होंने कहा कि नंगला मंदौड़ महापंचायत में एमएलए संगीत सोम हो या सुरेश राणा, किसी ने ऐसा भाषण नहीं दिया जिससे उन्माद भड़कता। संगीत सोम व सुरेश राणा पर रासुका की कार्रवाई गलत है। पुलिस अफसरों को चाहिए कि वह सियासी चक्रव्यूह निकल दोषियों पर शिकंजा कसें। राकेश टिकैत ने बताया कि जब से मुजफ्फरनगर के इस स्थानीय नेता को लोकसभा का टिकट मिला है तबसे 9 सितंबर तक उनके बारे में पुलिस रिपोर्ट मंगवाई जाए तो पता चल जाएगा कि थाने से वांछितों को छुड़वाने में सबसे ज्यादा हाथ इसी नेता का रहा है। सात सितंबर को विभिन्न स्थानों पर महापंचायत में जाने वाले लोगों पर हमला हुआ, यह हमला किसके इशारे पर हुआ, इसकी जांच अभी तक नहीं हो रही है। टिकैत ने कहा कि जांच हो तो इस स्थानीय नेता की भूमिका सामने आ सकती है।

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