कोलकाता, जागरण संवाददाता। महानगर के सियालदह और हावड़ा रेलवे स्टेशन पर छापेमारी कर कोलकाता पुलिस के स्पेशल टास्क फोर्स ने जमात उल मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के चार आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इन आतंकियों के पास से इस्लामिक स्टेट ऑफ सीरिया एंड इराक (आइएसआइएस) के कई दस्तावेज मिले हैं, जिससे आशंका जताई गई है की इन आतंकियों का जेएमबी के साथ-साथ आइएसआइएस आतंकी संगठन के साथ भी संबंध है।

इन चार सदस्यों से पूछताछ में भी कई राज सामने आए हैं। आतंकी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे जिसका ब्लू प्रिंट तैयार किया जा रहा था। आतंकियों से जब्त मोबाइल में बम बनाने का प्लान भी पाया गया है। सूत्रों के अनुसार हावड़ा और सियालदह स्टेशन परिसर से तीन बांग्लादेशी समेत चार आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद उनके पास से आइएस से जुड़े दस्तावेज के साथ ही जिहादी किताबों की पीडीएफ फाइल एवं पंफलेट के डिजिटल प्रारूप मिलने के बाद एसटीएफ के कान खड़े हो गए थे। 

संदिग्ध आतंकियों को कोर्ट में पेश करने के बाद रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई तो कई सनसनीखेज तथ्य हाथ लगे हैं। जेएमबी के आतंकियों ने भारत में फर्जी आधार कार्ड बनवाकर मुर्शिदाबाद जिले से मोबाइल का सिम खरीद लिया था। बड़े हमले का ब्लू प्रिंट लेकर जियाउर, मामोनूर, अलामीन और रविउल कोलकाता आए थे। चारों मिलकर हमले की साजिश रच रहे थे। 

आतंकियों से जब्त मोबाइल में बम बनाने का प्लान भी मिलने का दावा है। पूछताछ में आतंकियों ने जेएमबी के एक बड़े नेता के कोलकाता में ही मौजूद होने के संकेत दिए हैं। उक्त नेता के साथ बैठक कर पश्चिम बंगाल में नए जेएमबी के कार्य की रूपरेखा तैयार की जानी थी। संगठन के लिए फंड को लेकर भी चर्चा होनी थी। एसटीएफ ने छिपे उस आतंकी तक पहुंचने के लिए गिरफ्तार आतंकियों से पूछताछ शुरू कर दी है।

गौरतलब है कि बांग्‍लादेशी आतंकवादी संगठन नियो-जमियतुल मुजाहिदीन बांग्‍लादेश इस्‍लामिक स्‍टेट से जुड़ा हुआ है और सरकार ने इस पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। यह संगठन नियो जेएमबी जमियतुल मुजाहिदीन बांग्‍लादेश से अलग होकर बना है। जमियतुल मुजाहिदीन बांग्‍लादेश इस्‍लामिक स्‍टेट से जुड़ा है। साल 2016 में इसी संगठन ने ढाका में एक रेस्‍त्रां पर हमला किया था। इस हमले में 20 लोगों की जान गई थी।  

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Posted By: Ayushi Tyagi