नई दिल्‍ली,  जागरण स्‍पेशल । एक फरवरी को देश की वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी। सदन में चलने और दिखने वाली यह प्रक्रिया बेहद सहज और सरल  दिखती है, लेकिन सच्‍चाई यह है कि इसके पीछे टीम का एक बड़ा होमवर्क होता है। यह प्रक्रिया बेहद जटील होती है। वित्‍त सचिव  की अध्‍यक्षता में एक बड़ी टीम दिन रात जुट कर इस बजट को अंजाम देती है। इसके अलावा हम यह भी देखेंगे कि देश में सर्वाधिक बार किसने बजट पेश किया। यह रिकॉर्ड किसके नाम है। इसके साथ हम आपको वित्‍त मंत्री के हाथ में दिखने वाले उस ब्रीफकेस के इतिहास के बारे में भी बताएंगे। बजट के साथ वित्त मंत्री के साथ रहने वाले लेदर ब्रीफकेस का भी पूरा इतिहास है। जानिए क्या है बजट बैग का पूरा इतिहास ? जानिए कब और कैसे हुई इसकी शुरुआत ?

मोरराजी देसाई ने सबसे अधिक बार बजट पेश किया 

मोरारजी देसाई ने देश में सबसे ज्यादा 10 बार बजट पेश किया है, जबकि दूसरे नंबर पर पी. चिदंबरम का नाम आता है। उन्होंने नौ बार देश के लिए बजट पेश किया था। तीसरे नंबर पर सबसे ज्यादा बार प्रणब मुखर्जी ने आठ बार बजट पेश किया था।

चौथे नंबर पर मनमोहन सिंह हैं, जिन्‍होंने छह बार बजट पेश किया। अटल बिहारी की सरकार में मंत्री रहे यशवंत सिन्हा ने अभी तक छह बार बजट पेश किया है. उनके बाद सीडी देशमुख का नाम आता है जिन्होंने पांच बार ऐसा किया। वाईबी चौहान की बात करें तो उन्होंने पांच बार बजट पेश किया। मोदी सरकार में वित्त मंत्री रहे अरुण जेटली भी पांच बार बजट पेश कर चुके थे। इंदिरा गांधी देश की पहली महिला थीं, जिन्‍होंने बतौर वित्‍त मंत्री 1970-71 में वजट पेश किया। उस वक्‍त वह देश की प्रधानमंत्री थीं।    

बजट बैग का सफरनामा   

  • बजट में ब्रीफकेस लाने की परंपरा को ब्रिटेन से अपनाया गया था। वहां ग्‍लैडस्‍टोन बॉक्‍स का इस्‍तेमाल किया जाता था। 
  • 1860 में ब्रिटिश बजट चीफ विलियम ई ग्‍लैडस्‍टोन ने लाल रंग के सूटकेस का इस्‍तेमाल किया था। इसमें गोल्‍ड रंग की क्‍वीन मोनोग्राम का इस्‍तेमाल हुआ। इस सूटकेस में बजट वाले कागजों का बंडल लाया गया। 
  • ब्रिटेन में ब्रीफकेस एक वित्‍त मंत्री से दूसरे वित्‍त को ट्रांसफर होता है। भारत में इसका अपवाद है। यहां वित्‍त मंत्री अलग-अलग ब्रीफकेस इस्‍तेमाल करते हैं। 
  • असल ग्‍लैडस्‍टोन बैग की हालत काफी खराब हो गई है। इसलिए वर्ष 2010 में  ब्रिटिश सर्विस से उसे रिटायर कर दिया।
  • बजट ब्रीफकेस इसलिए चर्चा में आया क्‍योंकि ग्‍लैड स्‍टोन का भाषण काफी लंबा और प्रभावशाली होता था। उन्‍हें भाषण से जुड़े कागजों को रखने के लिए ब्र‍िफकेस की जरूरत पड़ती थी। 
  • भारत में बजट परंपरा      

  • भारत में वजट के दिन वित्‍त मंत्री बजट बैग को पार्लियामेंट के सामने दिखाते हैं। जबकि ब्रिटेन में राजकोष चांसलर 11 डाउनिंग स्‍ट्रीट पर बजट स्‍पीच से पहले ब्रीफकेस के साथ फोटो खिंचवाते हैं। 
  • 1947 में पहली बार देश के पहले फाइनेंस मिनिस्‍टर आरके षणमुखम शेट्टी ने बजट पेश करने के दौरान लेदर ब्रीफकेस का इस्‍तेमाल किया था। 
  • 1970 से 2019 के दौरान वित्‍त मंत्री ने हार्डबाउन्‍ड ब्रीफकेस का इस्‍तेमाल किया, जो ब्रिटेन के ब्रीफकेस से अलग था।
  • 2019 में वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने औपनिवेशिक परंपरा को छोड़ते हुए ब्रीफकेस की जगह बजट के कागजों के लिए बही खाते का इस्‍तेमाल शुरू किया।  

 

Posted By: Ramesh Mishra

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