विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

कोलकाता नगर निगम चुनाव का रास्ता साफ, वार्ड परिसीमन पर माकपा को हाई कोर्ट से झटका; जल्द सुनवाई से इंकार

Published: Mon, 02 Nov 2026 08:06 PM (IST)

कलकत्ता हाई कोर्ट ने कोलकाता नगर निगम के वार्ड परिसीमन को चुनौती देने वाली माकपा की याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है।

कोलकाता नगर निगम चुनाव को हरी झंडी

कोलकाता नगर निगम चुनाव को हरी झंडी

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। कोलकाता नगर निगम के वार्ड परिसीमन को चुनौती देने वाली माकपा की याचिका पर कलकत्ता हाई कोर्ट ने जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया है। एकल पीठ से अंतरिम राहत नहीं मिलने के बाद माकपा ने सोमवार को खंडपीठ का रुख किया था।

हालांकि, न्यायमूर्ति अरिंदम मुखोपाध्याय और न्यायमूर्ति अर्जुन राय मुखोपाध्याय की खंडपीठ ने तत्काल सुनवाई की मांग स्वीकार नहीं की। इससे फिलहाल कोलकाता नगर निगम चुनाव की घोषणा के रास्ते में इस मामले के कारण कोई तत्काल कानूनी बाधा नहीं रह गई है।

राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद कोलकाता नगर निगम के वार्डों का परिसीमन किया गया है। इसके तहत वार्डों की संख्या 144 से बढ़ाकर 209 कर दी गई है। इस अधिसूचना को चुनौती देते हुए कसबा निवासी और माकपा नेता दीपु दास ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। उनका आरोप है कि वार्डों की सीमाएं तय करते समय जनसंख्या, भौगोलिक स्थिति और प्रशासनिक संतुलन जैसे पहलुओं का उचित ध्यान नहीं रखा गया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि परिसीमन के जरिए एक राजनीतिक दल को लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई। याचिकाकर्ता ने वार्डों के पुनर्गठन की सिफारिश करने के लिए नगर आयुक्त के अधिकार पर भी सवाल उठाया है।

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति हिरण्मय भट्टाचार्य की एकल पीठ में हुई थी। याचिकाकर्ता ने परिसीमन संबंधी अधिसूचना पर रोक लगाने की मांग की थी, लेकिन अदालत ने अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया। एकल पीठ ने टिप्पणी की थी कि वार्डों का मसौदा प्रकाशित होने के समय याचिकाकर्ता ने कोई आपत्ति नहीं जताई थी। 29 अक्टूबर को अदालत ने सभी पक्षों से हलफनामा मांगा था। मामले की अगली सुनवाई एक महीने बाद निर्धारित है।

इसके बाद याचिकाकर्ता के वकील शमीम अहमद ने खंडपीठ में जल्द सुनवाई की मांग की। उनका तर्क था कि नगर निगम चुनाव की घोषणा किसी भी दिन हो सकती है और उसके बाद याचिका का महत्व समाप्त हो सकता है।

हालांकि, खंडपीठ ने कहा कि एकल पीठ में मामला विचाराधीन है। चुनाव की घोषणा होने पर भी अदालत का दरवाजा खटखटाने का विकल्प उपलब्ध रहेगा। इसलिए फिलहाल पूजा अवकाशकालीन पीठ में मामले की तत्काल सुनवाई की आवश्यकता नहीं है।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।