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904 करोड़ के बैंक धोखाधड़ी मामले में किशोर बियानी पर सीबीआई का शिकंजा, मुंबई में कई ठिकानों पर छापामारी

Published: Fri, 06 Nov 2026 11:26 PM (IST)

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने फ्यूचर रिटेल लिमिटेड और उसके प्रमोटर किशोर बियानी के खिलाफ 904.32 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में FIR दर्ज की है।

CBI का किशोर बियानी पर बैंक धोखाधड़ी का केस

CBI का किशोर बियानी पर बैंक धोखाधड़ी का केस

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) ने 904.32 करोड़ रुपये के कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में फ्यूचर रिटेल लिमिटेड और उसके प्रमोटर किशोर बियानी के खिलाफ एफआइआर दर्ज की है।

एजेंसी ने शुक्रवार को मुंबई में किशोर बियानी के कई ठिकानों पर छापेमारी कर जांच से जुड़े अहम दस्तावेज जब्त किए। उनके भाई राकेश बियानी को भी मामले में आरोपित बनाया गया है।

सीबीआई के प्रवक्ता के अनुसार, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआइ) की स्ट्रेस्ड एसेट्स मैनेजमेंट ब्रांच-तृतीय, मुंबई की शिकायत पर यह मामला दर्ज किया गया है।

किशोर बियानी पर बैंक धोखाधड़ी का केस

एफआईआर में किशोर बियानी, राकेश बियानी, कंपनी के प्रमोटरों, प्रबंध निदेशकों, कार्यकारी निदेशकों और गारंटरों के साथ कुछ अज्ञात लोक सेवकों तथा अन्य व्यक्तियों को आरोपित किया गया है। इन पर धोखाधड़ी के लिए आपराधिक साजिश रचने और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध करने का आरोप है।

सीबीआइ के मुताबिक, आरोपियों ने एसबीआइ और नौ अन्य बैंकों के समूह से ऋण सुविधाएं हासिल करने के लिए कथित तौर पर साजिश रची।

जांच एजेंसी का आरोप है कि बैंक से मिले कर्ज का इस्तेमाल उन उद्देश्यों के लिए नहीं किया गया, जिनके लिए उसे मंजूरी मिली थी। इसके बजाय कंपनी ने अपनी सहयोगी कंपनियों और संबद्ध इकाइयों के माध्यम से धन दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया, जिससे बैंकों को नुकसान हुआ।

मुंबई में CBI की छापामारी 

एजेंसी के अनुसार, 23 मार्च, 2026 को धोखाधड़ी घोषित होने के बाद से एसबीआइ को अनुमानित नुकसान 904.32 करोड़ रुपये था। इसके साथ 1,331.91 करोड़ रुपये का अनुमानित ब्याज भी शामिल है, जिससे कुल नुकसान 2,236.23 करोड़ रुपये हो जाता है।

फ्यूचर रिटेल बिग बाजार, फैशन@बिग बाजार और फूडहाल जैसे हाइपरमार्केट तथा सुपरमार्केट ब्रांड का संचालन करती थी। कंपनी एफएमसीजी और फैशन उत्पादों के कारोबार में भी सक्रिय थी।

सीबीआइ ने चार नवंबर को एफआइआर दर्ज करने के बाद मुंबई में कई स्थानों पर तलाशी ली। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि ऋण की रकम का अंतिम इस्तेमाल कहां हुआ और कथित साजिश में किन सरकारी अधिकारियों तथा निजी व्यक्तियों की भूमिका रही। कंपनी की ओर से इस मामले में तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

वीडियोकॉन के मालिक वेणुगोपाल धूत दिवालिया घोषित

नेशनल कंपनी ला ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) की मुंबई पीठ ने वीडियोकान इंडस्ट्रीज के प्रमोटर और डायरेक्टर वेणुगोपाल धूत को दिवालिया घोषित कर दिया। एनसीएलटी ने एसबीआई द्वारा 12,668 करोड़ रुपये के डिफाल्ट को लेकर दायर की गई याचिका को स्वीकार कर लिया है।

इसके साथ ही दिवालियापन की प्रक्रिया चलाने के लिए एक बैंकरप्सी ट्रस्टी भी नियुक्त किया गया है। एसबीआइ और अन्य बैंकों से लिए गए कर्ज में धूत व्यक्तिगत गारंटर थे।

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