भाजपा सांसद संयमित न होते तो चार फरवरी को हो सकती थी संसद में भयावह स्थिति: रिजिजू
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने 4 फरवरी को लोकसभा में हुए हंगामे के दो वीडियो जारी कर कांग्रेसी सांसदों के ...और पढ़ें

किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर लगाए आरोप (फोटो-पीटीआई)
HighLights
रिजिजू ने 4 फरवरी के लोकसभा हंगामे के वीडियो जारी किए।
कहा, भाजपा सांसदों को संयमित न करते तो स्थिति बिगड़ती।
कांग्रेस पर सदन की गरिमा भंग करने का आरोप लगाया।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को चार फरवरी को लोकसभा में हुए हंगामे के दो वीडियो जारी करते हुए कांग्रेसी सांसदों के आचरण पर सवाल उठाया।
किरेन रिजिजू ने कहा, 'अगर भाजपा सांसदों को संयमित नहीं किया गया होता और उन्हें कांग्रेस सांसदों से भिड़ने की अनुमति दे दी गई होती तो सदन में स्थिति बेहद भयावह हो सकती थी।'
साथ ही पूछा कि क्या कोई विपक्ष के सदस्यों के व्यवहार को सही ठहरा सकता है। क्या कांग्रेस पार्टी अपने सांसदों के सबसे अपमानजनक व्यवहार पर गर्व महसूस कर रही है? उसी दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देना था, लेकिन हंगामे के चलते वह ऐसा नहीं कर पाए।
किरेन रिजिजू ने जारी किए वीडियो
रिजिजू ने कहा कि भाजपा नेतृत्व का निर्देश स्पष्ट था कि सत्तारूढ़ गठबंधन के सदस्यों को सदन की गरिमा बनाए रखनी है और सत्तारूढ़ पार्टी का कोई भी सांसद असभ्य विपक्षी सांसदों के साथ शारीरिक टकराव नहीं करेगा।
भाजपा ने चार फरवरी के वीडियो में कांग्रेस की महिला सांसदों को प्रधानमंत्री की कुर्सी की ओर बढ़ते हुए दिखाया, जबकि वे अन्य सदस्यों को भी स्पष्ट इशारों से संकेत दे रही थीं।
वीडियो में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और अश्विनी वैष्णव को हाथ जोड़कर कांग्रेस की महिला सदस्यों से अपनी सीटों पर लौटने की अपील करते हुए दिखाया गया।
BJP ने विपक्ष पर लगाए आरोप
भाजपा ने पोस्ट में कहा, 'यह कोई संयोग नहीं था। यह पूर्व नियोजित था। संसद के पवित्र स्थान के अंदर वास्तव में क्या साजिश रची जा रही थी?' पार्टी ने आगे कहा, 'ये दृश्य गंभीर और परेशान करने वाले सवाल उठाते हैं। ऐसा आचरण अभूतपूर्व और लापरवाह है।'
रिजिजू ने कहा कि यदि भाजपा सांसदों को रोका नहीं जाता, तो स्थिति बहुत भयावह हो सकती थी। संसदीय मामलों के मंत्री ने विपक्ष के सांसदों पर अभूतपूर्व तरीके से कार्यवाही में बाधा डालने का आरोप लगाया और दावा किया कि भाजपा और राजग के सांसद अपने कांग्रेस सांसदों के व्यवहार के कारण बहुत नाराज थे।
कांग्रेस सांसद प्रधानमंत्री की सीट तक पहुंच गए। कांग्रेस ने सदन की गरिमा का कोई सम्मान नहीं दिखाया। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि वे अपने इंटरनेट मीडिया अकाउंटों पर यह दावा करते हुए जश्न मना रहे हैं कि महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री को डरा दिया। यह पूरी तरह से शर्मनाक है।
रिजिजू ने कहा कि भाजपा की महिला सांसदों ने कांग्रेस सदस्यों के व्यवहार के खिलाफ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र सौंपा है।
बता दें कि लोकसभा में दो फरवरी से व्यवधान जारी था, जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी को एक लेख का हवाला देने से रोका गया था। चार फरवरी को प्रधानमंत्री विपक्ष के विरोध के कारण धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब नहीं दे सके थे।
पांच फरवरी को बिना प्रधानमंत्री के भाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया गया। सदन में अशिष्ट व्यवहार के लिए आठ विपक्षी सांसदों को बजट सत्र के शेष समय के लिए निलंबित कर दिया गया था।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
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