जागरण संवाददाता, रोहतक। ऑनर किलिंग के खिलाफ आखिर खापों ने भी आवाज बुलंद कर ही दी। सामाजिक ताने-बाने में सुधार कर वे इस समस्या से मजबूती से लड़ेंगी। राष्ट्रीय स्तर पर कमेटी बनाई जाएगी, जो आहत परिवारों की काउंसलिंग करेगी। हिंदू मैरिज एक्ट में संशोधन की मांग तेज होगी।

महम चौबीसी के ऐतिहासिक चौबारे पर जुटी देशभर की खापों में पहली बार महिलाओं ने भी बुलंद आवाज से अपनी बात रखी। महापंचायत की अध्यक्षता चौबीसी सर्व खाप पंचायत महम के प्रधान तुलसी ग्रेवाल ने की। ऑनर किलिंग की निंदा करते हुए वक्ताओं ने कहा कि युवाओं द्वारा रीति-रिवाजों को तोड़कर परिजनों को सामाजिक तौर पर ठेस पहुंचाना ही ऑनर किलिंग का मुख्य कारण है। टूटे परिवारों को समाज द्वारा मजबूती मिल जाए तो ऑनर किलिंग पर अंकुश संभव है।

तुलसी ग्रेवाल ने कहा कि जहां भी ऑनर किलिंग जैसी घटनाएं हुई हैं, उनमें खाप पंचायतों की जरा भी संलिप्तता नहीं रही। इसके पीछे उन परिवारों का हाथ रहा है, जो नई पीढ़ी द्वारा रीति-रिवाजों व संस्कारों से ऊपर होकर उठाए गए कदमों से खुद को सामाजिक ताने-बाने से अलग समझने लगे थे। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों की काउंसिलिंग की जानी चाहिए। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक कमेटी का गठन किया जाए, जो सामाजिक ताने-बाने बनाए रखे।

महापंचायत में बीबीपुर के सरपंच की बहन रीतु जुगलान ने कहा कि प्रदेश के रीति-रिवाज व संस्कृति को संजो कर रखने की जरूरत है। स्कूलों में पाठ्यक्रम में ऐसी सामग्री प्रकाशित की जानी चाहिए। ऑनर किलिंग को लेकर खाप पंचायतों पर लगे आरोपों को खाप प्रतिनिधियों ने सिरे से खारिज कर दिया।

एडवोकेट आनन्द हुड्डा ने कहा कि जिस तरह भारत में थोड़ी-थोड़ी दूरी पर रीति-रिवाज, बोलचाल, पहनावा व रहन-सहन में असमानता है उसी तरह शादी से संबंधित रीति-रिवाजों में भी असमानता है। इसलिए हिंदू मैरिज एक्ट में संशोधन की जरूरत है।

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