इंदौर, जेएनएन। शहर के प्राचीन खजराना गणेश मंदिर में भक्त अब सुबह 6 से रात 11 बजे तक दर्शन कर पाएंगे। इसके साथ ही दशहरे ([25 अक्टूबर)] से अन्नक्षेत्र में भोजन भी मिलेगा। अन्नक्षेत्र में भोजन प्रसादी पैकेट में दी जाएगी। परिसर के 33 अन्य मंदिर भी खोल दिए गए हैं। कोरोना संक्रमण के कारण 6 महीने बाद 28 सितंबर को जिला प्रशासन ने धर्मस्थलों को सशर्त खोलने की अनुमति प्रदान की थी। इसमें मंदिर खोले जाने का समय सुबह 9 से शाम को 7 बजे तक का तय किया गया था।

इसके बाद मंदिर खोले जाने की अवधि ब़़ढाने साथ ही अन्न क्षेत्र वापस शुरू करने का भी निर्णय लिया गया है। मंदिर के पुजारी अशोक भट्ट ने बताया कि ताजा निर्णय शनिवार को गणेश मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष कलेक्टर मनीषष सिंह के आदेश और मंदिर प्रशासक प्रतिभा पाल के निर्देशानुसार लिया गया है।

पूर्ण होती है मनोकामना

खजराना मंदिर इन्दौर का प्रसिद्ध गणेश मंदिर है। यह मंदिर विजय नगर से कुछ दूरी पर खजराना चौक के पास में स्थित है। इस मंदिर का निर्माण अहिल्या बाई होल्कर द्वारा किया गया था। इस मंदिर में मुख्य मूर्ति भगवान गणपति की है, जो केवल सिन्दूर द्वारा निर्मित है। यहाँ जो भी भक्त अपनी मनोकामना की पूर्ति के लिये गणेश जी के पीठ पर उल्टा स्वास्तिक बनाता है,गणपति जी उसकी मनोकामना पूर्ण करते हैं। मनोकामना पूर्ण होने के पश्चात पुनः सीधा स्वास्तिक बनाते हैं।

रोजाना हजारों श्रद्धालु आते हैं

मंदिर में गणेश जी के अतिरिक्त माता दुर्गा जी, महाकालेश्वर की भूमिगत शिवलिंग, गंगा जी की मगरमच्छ पर जलधारा मूर्ति, लक्ष्मी जी का मंदिर, साथ ही हनुमान जी की झाँकी मन मुग्ध करने वाली है। यहाँ शनि देव मंदिर एवं साई नाथ का भी भव्य मंदिर विराजमान है, यहाँ इस तरह की अनुभूति होती है ,जैसे सारे देवी, देवता एक स्थान पर उपस्थित हो गये हों। यहाँ की मंदिर व्यवस्था बहुत ही उत्तम कोटि की है। इस मंदिर मे 10,000 से लोग हर दिन दर्शन करते है।

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