तिरुअनंतपुरम, एएनआइ। केरल सोना तस्करी मामले की आरोपी स्वप्ना सुरेश शनिवार को पलक्कड़ में मीडिया के सामने रो पड़ीं। उन्होंने कहा, 'वे मुझ पर इस तरह हमला क्यों कर रहे हैं। मैं अपने बयान पर कायम हूं। मेरे आसपास के लोगों को चोट मत पहुंचाओ। मुझे चोट पहुंचाओ, कृपया मुझे मार डालो ताकि कहानी खत्म हो जाए.'

सोने की तस्करी मामले की मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश ने अपने वकील आर कृष्णराज की संभावित गिरफ्तारी के मद्देनजर शनिवार को यहां मीडिया के सामने भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि 'मेरे आस-पास के लोगों को चोट न पहुंचाएं।' उनके अनुसार, यह उन्हें अलग-थलग करने का एक जानबूझकर किया गया प्रयास है। उन्होंने कहा, 'वे मुझ पर इस तरह हमला क्यों कर रहे हैं। मैं अपने बयान पर कायम हूं। मेरे आस-पास के लोगों को चोट न पहुंचाएं। मुझे चोट पहुंचाएं, कृपया मुझे मार दें ताकि कहानी खत्म हो जाए।'

'मेरे वकील के साथ ऐसा क्यों कर रहे हो'

स्वप्ना सुरेश ने कहा, 'मुझे जीने का मौका दो। अब मेरे वकील के साथ भी ऐसा क्यों कर रहे हो? शाज किरण ने हमसे कहा कि वकील प्रभावित होगा, उसके खिलाफ मुकदमा चलाया जाएगा।' यह तब हुआ जब पुलिस ने एक सोशल मीडिया पोस्ट पर उनके वकील पर गैर-जमानती आरोप लगाए, जिसमें कथित तौर पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने की धमकी दी गई थी।

पांच जुलाई 2019 को सामने आया तस्करी का मामला

केरल में सोने की तस्करी का मामला राजनयिक माध्यमों से राज्य में सोने की तस्करी से जुड़ा है। 5 जुलाई, 2019 को तिरुवनंतपुरम में सीमा शुल्क विभाग द्वारा राजनयिक सामान का भंडाफोड़ करने के बाद एक खेप में तस्करी कर लाए गए 14.82 करोड़ रुपये के 30 किलोग्राम सोने के मिलने के बाद यह सामने आया था। स्वप्ना सुरेश ने आरोप लगाया कि 2016 में केरल के सीएम के पूर्व प्रधान सचिव एम शिवशंकर ने उन्हें दुबई में सामान भेजने के लिए कहा था जो विजयन का था। हालांकि, जब बैग को वाणिज्य दूतावास लाया गया, तो पता चला कि उसमें मुद्राएं थीं और तभी से सोने की तस्करी का पूरा कारोबार शुरू हो गया था।

स्वप्ना सुरेश ने दिया गोपनीय बयान

मंगलवार को सोना तस्करी मामले की मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश ने सीएम की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 164 (कबूलनामे और बयान दर्ज करना) के तहत एक गोपनीय बयान दिया। राजनीतिक हंगामे के बीच राज्य सरकार ने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) के नेतृत्व में 12 सदस्यीय टीम को मुख्यमंत्री के खिलाफ 164 बयान देने के लिए स्वप्ना की जांच के लिए नियुक्त किया है।

बयान वापस लेने की मिली धमकी

स्वप्ना ने यह भी दावा किया था कि उन्हें सीएम के मध्यस्थ ने अपना बयान वापस लेने की धमकी भी दी थी। मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और सीमा शुल्क विभाग कर रहे हैं।

Edited By: Achyut Kumar