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कैंसर से जूझ रही थी 63 वर्षीय महिला, तमिलनाडु के इस अस्पताल ने किया इलाज

पेट के कैंसर से जूझ रही 63 वर्षीय महिला का इलाज तमिलनाड के अस्पताल में किया गया। सर्जरी की एक विशेष प्रक्रिया अपनाकर इस बीमारी को ठीक कर दिया गया है। बता दें कि कैंसर अभी एडवांस स्टेज में ही था।

By Monika MinalEdited By: Published: Thu, 20 May 2021 03:16 PM (IST)Updated: Thu, 20 May 2021 03:16 PM (IST)
कैंसर से जूझ रही थी 63 वर्षीय महिला, तमिलनाडु के इस अस्पताल ने किया इलाज
कैंसर से जूझ रही थी 63 वर्षीय महिला

चेन्नई, एएनआइ। कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर से संघर्ष के बीच जहां देश के अस्पताल व डॉक्टर जूझ रहे हैं वहीं तमिलनाडु के एक अस्पताल ने 63 वर्षीय कैंसर पीडिता को ठीक कर दिया। तमिलनाडु के अग्रणी हेल्थकेयर अस्पतालों में से एक कावेरी अस्पताल ( Kauvery Hospital) ने एक कैंसर पीडिता 63 वर्षीय महिला का इलाज किया और  सर्जरी के जरिए स्वस्थ कर दिया। महिला एपेंडिसियल कैंसर ( appendiceal cancer, peritoneal cancer) से पीडित थीं। इस उपचार के लिए अस्पताल ने एक सर्जरी HIPEC (Debulking Surgery & Hyperthermic Intraperitoneal Chemotherapy) की सहायता ली। 

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इस प्रक्रिया में पेट की कैविटी ( abdominal cavity) में किमोथेरैपी ड्रग को डालते हैं जो कैंसर कोशिकाओं पर अपना असर दिखाता है जो नंगी आंखों से नहीं देख सकते। कावेरी अस्पताल के सर्जन डॉक्टर यूपी श्रीनिवासन ( Dr U P Srinivasan) ने बताया,  'महिला हमारे पास पेट फूलने की शिकायत के साथ आई थीं। डायग्नोसिस में पता चला कि उनके पेट में ट्यूमर है जो कैंसर का रूप है और इसे जल्द से जल्द ठीक किए जाने की जरूरत है। इससे पहले वो कई डॉक्टरों के पास जा चुकी थीं लेकिन कहीं इसका समाधान नहीं मिला। इससे पहले अन्य परेशानियों के कारण अनेकों सर्जरी करवा चुकी थीं इसलिए इस बार सर्जरी से मना कर दिया।'

उन्होंने आगे बताया कि लीवर, फेफडे आदि अन्य अंगों में कैंसर न फैला हो इस संदेह को मिटाने के लिए हमने  PET स्कैन किया। इससे पता चला कि अभी ट्यूमर नहीं फैला है। इसके बाद हमने  सर्जरी का सुझाव दिया जो मरीज के लिए बेहतर विकल्प था। 9 घंटे तक चली इस प्रक्रिया के बाद मरीज की जिंदगी को कैंसर से छुटकारा मिल गया। डॉक्टर के अनुसार  HIPEC से मरीज की जिंदगी  बढ जाती है। शुरुआत के स्टेज में इस सर्जरी से  कैंसर वहीं खत्म हो  जाता है दूसरे अंगों में  नहीं जाता। 


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