नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। कश्मीर घाटी में आतंकवाद और अलगाववाद को शह देने में पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व सीधे तौर पर संलिप्त हैं। कश्मीर की अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी से एनआइए की पूछताछ से यह साबित हो गया है।

अंद्राबी ने एनआइए की पूछताछ के दौरान बताया कि वह लगातार ने सिर्फ तत्कालीन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से, बल्कि वहां के कई वरिष्ठ नेताओं, आइएसआइ पूर्व प्रमुख हामिद गुल, आतंकी हाफिज सईद, हिजबुल मुजाहिदीन के प्रमुख सैयद सलाहु्ददीन सहित नवाज शरीफ के विदेश नीतियों के सलाहकार रहे सरताज अजीज के भी संपर्क में थीं।

आसिया अंद्राबी अलगाववादी संगठन दुख्तरन-ए-मिलत की प्रमुख हैं और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को लेकर एनआइए ने उन्हें गिरफ्तार किया है। आसिया पर आतंकवादियों की मदद करने सहित भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं।
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आसिया ने एनआइए को बताया है कि उसने 2014 में तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को पत्र लिखा था, जिसमें आरोप लगाया था कि पाकिस्तान कश्मीर के लिए कुछ नहीं कर रहा है। शरीफ ने जवाब में लिखा था कि कि हम अपनी ओर से बेहतर काम कर रहे हैं। यही नहीं, 28 नवंबर 2015 में अंद्राबी की मां के निधन पर शरीफ ने संवेदना व्यक्त करते हुए एक खत भी लिखा था।

आसिया ने बताया कि 2014 में पाकिस्तान उच्चायोग में उनकी मुलाकात पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सरताज अजीज से हुई थी। बाद आसिया ने भारत में पाकिस्तान के तत्कालीन राजदूत अब्दुल बासित और डिप्टी हाई कमिश्नर सय्यद हैदर शाह ने भी 2014 में मुलाकात कर पाकिस्तान पर कश्मीर मामले को संजीदगी से नहीं लेने का आरोप लगाया था। अंद्राबी का कहना था कि पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र संघ में कश्मीर के मुद्दे को प्रमुखता से उठाना चाहिए। लेकिन पाकिस्तान ऐसा नहीं कर रहा था।

पाकिस्तान के शीर्ष नेताओं व अधिकारियों के साथ-साथ अंद्राबी अंतरराष्ट्रीय आतंकी हाफिज सईद से भी लगातार संपर्क में थी। अंद्राबी ने सईद से पाकिस्तान सरकार पर दबाव बनाने को कहा था। यही नहीं हिजबुल मुजाहिद्दीन के मुखिया सय्यद सलाहुद्दीन भी नियमित तौर पर अंद्राबी को फोन करता था।

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