वंदे मातरम पर सियासी खींचतान, कर्नाटक सरकार के फैसले को भाजपा ने बताया संवैधानिक मर्यादा का उल्लंघन
वंदे मातरम को लेकर कर्नाटक सरकार के फैसले पर राजनीतिक खींचतान जारी है, जिसमें सरकार ने केवल पहले दो अंतरे गाने का आधिकारिक आदेश दिया है।

वंदे मातरम पर सियासी खींचतान।
HighLights
कर्नाटक सरकार ने वंदे मातरम के केवल दो अंतरे गाने का आदेश दिया।
भाजपा ने इसे संसद के निर्णय की अवमानना और संविधान का अपमान बताया।
कांग्रेस सरकार पर राजनीतिक दुराग्रह और संवैधानिक मर्यादा चुनौती का आरोप।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। वंदे मातरम को लेकर राजनीतिक खींचतान मची हुई है। इस मुद्दे पर कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस में सामने आए वैचारिक मतभेद के बीच ही कर्नाटक सरकार ने सरकारी एवं सार्वजनिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम के केवल पहले दो अंतरे गाने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया।
इस पर भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया सह-संयोजक आशीष अग्रवाल ने एक्स पर पोस्ट में सवाल उठाते हुए कहा कि संसद के निर्णय की कांग्रेस शासित प्रदेश में अवमानना, क्या यह बाबा साहेब और संविधान का अपमान नहीं?
कांग्रेस सरकार राजनीतिक दुराग्रह में मर्यादा को दे रही चुनौती- बीजेपी
उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित में संसद के निर्णयों का सम्मान करना संवैधानिक मर्यादा है, लेकिन कर्नाटक की कांग्रेस सरकार राजनीतिक दुराग्रह में इस मर्यादा को ही चुनौती दे रही है। संविधान की भावना के विरुद्ध यह आचरण क्यों? कांग्रेस बताए कि राष्ट्रगीत के बाकी अंतरों से उसे आपत्ति क्यों है?
वंदे मातरम केवल गीत नहीं, भारत की स्वतंत्रता चेतना और राष्ट्रभक्ति का अमर प्रतीक है। राष्ट्रभावना पर राजनीति नहीं, सम्मान होना चाहिए। देश संविधान से चलेगा, कांग्रेस की सुविधा से नहीं।