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कर्नाटक विधानसभा में भाजपा विधायकों ने गाया पूरा 'वंदे मातरम', 2 अंतरों के बाद रोक दी गई थी रिकॉर्डिंग

Published: Mon, 21 Sep 2026 03:10 PM (IST)

कर्नाटक विधानसभा में वंदे मातरम के केवल दो छंद गाए जाने पर विवाद खड़ा हो गया, जिसके बाद भाजपा विधायकों ने विरोध में पूरा गीत गाया।

कर्नाटक विधानसभा में रोक के बावजूद भाजपा विधायकों ने गाया पूरा वंदे मातरम( फोटो: सोशल मीडिया)

कर्नाटक विधानसभा में रोक के बावजूद भाजपा विधायकों ने गाया पूरा वंदे मातरम( फोटो: सोशल मीडिया)

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डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। कर्नाटक विधानसभा में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। विधानसभा में वंदे मातरम को केवल दो छंदों के बाद बंद कर दिया गया, जिसके बाद बीजेपी के विधायकों ने इसे सीमित करने के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताते हुए गीत का पूरा संस्करण गाया।

बीजेपी विधायक एसआर विश्वनाथ ने इस मुद्दे पर कांग्रेस के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार की तीखी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को खुश करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

भाजपा ने जताया कड़ा विरोध

विश्वनाथ ने कहा कि आजादी से पहले भी कांग्रेस ने वंदे मातरम का विरोध किया था और अपनी बैठकों में इसे गाना बंद कर दिया था। सोनिया गांधी को खुश करने के लिए, मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने इसे कैबिनेट में पेश किया और कहा कि हम केवल दो पैराग्राफ गाएंगे, पूरा गीत नहीं।

कांग्रेस आलाकमान को खुश करने के लिए, उन्होंने राष्ट्रगान के समान महत्व रखने वाले वंदे मातरम को छोटा कर दिया है। हम इसका कड़ा विरोध करते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि आज विधान सौधा में अगर वे इसे बीच में रोकते हैं, तो सभी बीजेपी विधायक पूरा वंदे मातरम गाएंगे, भले ही वे हमें रोकने की कोशिश करें। इसके बाद, बीजेपी विधायकों ने विधानसभा में वंदे मातरम का पूरा संस्करण गाया।

क्या है कर्नाटक सरकार का आदेश?

इससे पहले कर्नाटक सरकार ने एक निर्देश जारी किया था कि राज्य सरकार के कार्यक्रमों और आधिकारिक समारोहों में राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के केवल पहले दो छंद ही बजाए या गाए जाएंगे।

8 सितंबर 2026 को जारी एक सरकारी आदेश के अनुसार, यह निर्णय केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिया गया है।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या राज्यपाल की उपस्थिति वाले कार्यक्रमों को छोड़कर, राज्य सरकार के अन्य सभी कार्यक्रमों में वंदे मातरम के केवल पहले दो छंद ही गाए जाएंगे। यह आदेश कर्नाटक के राज्यपाल के नाम से जारी किया गया था।

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