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पोस्ट ग्रेजुएशन के साथ ले रही थी ₹70 हजार सरकारी सैलरी, कर्नाटक विधायक की भतीजी नौकरी से बर्खास्त

Published: Wed, 16 Sep 2026 12:30 PM (IST)Updated: Wed, 16 Sep 2026 12:42 PM (IST)

कर्नाटक के बागलकोट में नम्मा क्लिनिक की मेडिकल ऑफिसर डॉ. अंकिता यारगल पर ड्यूटी से अनुपस्थित रहकर 70,000 रुपये से अधिक मासिक वेतन लेने का आरोप है।

बिना काम पर जाए सैलरी लेती रही विधायक की भतीजी।

बिना काम पर जाए सैलरी लेती रही विधायक की भतीजी।

HighLights

  1. डॉ. अंकिता यारगल पर नम्मा क्लिनिक से वेतन लेने का आरोप।

  2. विधायक की भतीजी पर ड्यूटी से अनुपस्थित रहने, दोहरी नौकरी का आरोप।

  3. सीईओ द्वारा जांच जारी, अनुशासनात्मक कार्रवाई, वेतन वापसी की चेतावनी।

डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। कर्नाटक के बागलकोट में नम्मा क्लिनिक में काम करने वाली एक मेडिकल ऑफिसर जांच के दायरे में आ गई हैं। उन पर आरोप है कि वे एक प्राइवेट मेडिकल कॉलेज से पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल कोर्स करने के साथ-साथ 70,000 रुपये से ज्यादा की मासिक सैलरी भी ले रही थीं।

बागलकोट से कांग्रेस विधायक उमेश मेटी की भतीजी डॉ. अंकिता यारगल पर ड्यूटी में लापरवाही और बिना इजाजत दो जगहों पर काम करने का आरोप है, जिसकी जांच चल रही है।

जांच में शामिल हुई अंकिता

बागलकोट जिला पंचायत के सीईओ गजानन बाले की ओर से की जा रही जांच में डॉ. यारागल शामिल नहीं हुईं। उनके न आने पर सीईओ ने उन्हें नोटिस जारी करके 18 सितंबर को सुबह 10 बजे जिला पंचायत कार्यालय के कमरा नंबर 11 में होने वाली अगली जांच में शामिल होने का निर्देश दिया।

नोटिस के अनुसार, डॉ. यारागल कथित तौर पर 3 मार्च से सितंबर तक वाम्बे कॉलोनी स्थित नम्मा क्लिनिक से अनुपस्थित रही, जिससे क्लिनिक बिना मेडिकल ऑफिसर के रह गया और लोगों को असुविधा हुई।

अधिकारियों ने क्या आरोप लगाया?

अधिकारियों का आरोप है कि वह एक प्राइवेट कॉलेज में मेडिकल पोस्ट-ग्रेजुएट की पढ़ाई भी कर रही थीं और साथ ही सरकार से जुड़ी नम्मा क्लिनिक में मेडिकल ऑफिसर के तौर पर सैलरी भी ले रही थीं।

नोटिस में कहा गया है कि इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है, क्योंकि यह कर्नाटक के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में काम करने वाले रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर्स के लिए बने नियमों के कथित उल्लंघन का मामला है। इसमें नेशनल मेडिकल कमीशन के प्रोफेशनल एथिकल कोड (पेशेवर आचार संहिता) के कथित उल्लंघन का भी जिक्र किया गया है।

डॉ. अंकिता को मिली चेतावनी

सीईओ ने चेतावनी दी है कि कथित तौर पर पेशेवर आचरण के नियमों को तोड़ने के आरोप में डॉ. यारागल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जा सकती है और मामले को कर्नाटक मेडिकल काउंसिल और नेशनल मेडिकल कमीशन को भेजा जा सकता है।

अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी है कि कथित तौर पर बिना इजाजत दो जगहों पर काम करने की अवधि के दौरान उन्हें दी गई पूरी सैलरी/मानदेय नियमों के अनुसार वापस लिया जा सकता है।

नोटिस में आगे कहा गया है कि भले ही एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल ने उन्हें इजाजत दे दी थी फिर भी डॉ. यारागल नम्मा क्लिनिक में अपनी ड्यूटी से नदारद रहीं। सीईओ ने चेतावनी दी है कि अगली जांच में पेश न होने पर एकतरफा फैसला लिया जा सकता है। इस बीच, खबर है कि जिला स्वास्थ्य अधिकारी राजकुमार यारागल ने डॉ. यारागल को ड्यूटी से हटा दिया है।

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