विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

कर्नाटक: 'पति को छोड़ने के बदले किया यौन शोषण', दोषी की पत्नी के आरोप के बाद जेल DIG गिरफ्तार

Published: Tue, 06 Oct 2026 11:18 AM (IST)

कर्नाटक के कारागार विभाग के डीआईजी सोमशेखर को गिरफ्तार किया गया है, उन पर बेंगलुरु सेंट्रल जेल के चीफ सुपरिंटेंडेंट ...और पढ़ें

कर्नाटक के कारागार और सुधार सेवा विभाग में डीआईजी सोमशेखर(फोटो: सोशल मीडिया)

कर्नाटक के कारागार और सुधार सेवा विभाग में डीआईजी सोमशेखर(फोटो: सोशल मीडिया)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। कर्नाटक के कारागार और सुधार सेवा विभाग के डीआईजी सोमशेखर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सोमशेखर पर आरोप है कि बेंगलुरु सेंट्रल जेल के चीफ सुपरिंटेंडेंट रहते हुए एक कैदी को रिहा कराने के बदले उसकी पत्नी का यौन शोषण किया था।

यह पूरा मामला साल 2018 का है, जब चिकपेट थाने से जुड़े एक मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी शंकर ए. को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बेंगलुरु सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया था। बाद में जांच में खुलासा हुआ कि वह आदेश पूरी तरह फर्जी था। जांच के दौरान बात सामने आई कि जेल के एक कर्मचारी श्रीकांत एस. ने सुप्रीम कोर्ट का फर्जी आदेश तैयार किया था।

कैदी की पत्नी ने लगाया यौन शोषण का आरोप

फर्जी रिहाई की जांच के दौरान पुलिस ने जब कैदी शंकर की पत्नी से पूछताछ की, तो उसने खुलासा किया कि तत्कालीन चीफ सुपरिंटेंडेंट सोमशेखर ने उसके पति को जेल से छुड़ाने के नाम पर उसका यौन शोषण किया था। इसके बाद मामले में भ्रष्टाचार के साथ-साथ गंभीर आपराधिक आरोप भी जुड़ गए।

परप्पना अग्रहारा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सोमशेखर को हिरासत में ले लिया। पुलिस के अनुसार, वह जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे और जरूरी जानकारियां छुपा रहे थे। कोर्ट में पेशी के बाद अदालत ने उन्हें आगे की पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

क्या है पूरा मामला?

कैदी शंकर को साल 2004 में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जिसे बाद में उच्च अदालतों ने भी बरकरार रखा था।

पुलिस अब इस बात की विस्तृत जांच कर रही है कि फर्जी आदेश बनाने में और कौन-कौन शामिल था तथा अधिकारी की इसमें कितनी भूमिका रही है।

यह भी पढ़ें- 'पति या पत्नी का कोर्ट केस फाइल करना मानसिक क्रूरता नहीं', कर्नाटक हाई कोर्ट की अहम टिप्पणी

यह भी पढ़ें- कर्नाटक के बागलकोट में छुआछूत का विवाद, गांधी जयंती के दिन दलितों को परोसा अलग खाना; 20 के खिलाफ मामला दर्ज