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'अगर हाथ-पैर काट दिए जाएं तो शायद लोग कानून का पालन करना सीख जाएं', कर्नाटक HC की सख्त टिप्पणी

Published: Tue, 02 Jun 2026 01:24 PM (IST)

कर्नाटक हाई कोर्ट के जज ने दुष्कर्म मामले की सुनवाई करते हुए सख्त टिप्पणी की और आरोपी एक इंजीनियरिंग छात्र की जमानत याचिका खारिज कर दी।

कर्नाटक हाई कोर्ट। (फाइल फोटो)

कर्नाटक हाई कोर्ट। (फाइल फोटो)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कर्नाटक में दुष्कर्म के मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट के जज ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि कानून के दांत इसलिए टूट गए हैं क्योंकि अपराधियों से सख्ती से नहीं निपटा जाता। इतना ही नहीं जस्टिस आर. नटराज ने यह भी कहा कि अगर किसी के हाथ-पैर काट दिए जाएं तो शायद लोग कानून का सख्ती से पालन करना सीख जाएं।

दरअसल, जस्टिस आर. नटराज एक दुष्कर्म मामले की सुनवाई कर रहे थे और उन्होंने 23 साल के इंजीनियरिंग के आरोपी छात्र को जमानत देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि सख्त सजा देने से ही अपराध रुक सकते हैं। आरोपी अप्रैल की शुरुआत से ही न्यायिक हिरासत में है और उस पर 2023 में अपनी एक पुरानी क्लासमेट के साथ यौन उत्पीड़न करने का आरोप है।

'लोकतंत्र का फायदा उठाते हैं अपराधी'

जस्टिस आर. नटराज ने छात्र की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा, "कानून के दांत इसलिए टूट गए हैं, क्योंकि हम अपराधियों से सख्ती से नहीं निपटते। अगर आप किसी का हाथ या पैर काट दें तो शायद लोग कानून का पालन करना सीख जाएंगे। क्योंकि हमारा देश एक लोकतंत्र है इसलिए हर कोई इसका फायदा उठाता है।"

जज ने यह भी कहा कि अपराध बहुत ही लापरवाही से किए जा रहे हैं, क्योंकि अपराधियों से सख्ती से नहीं निपटा जा रहा है। उन्होंने इस स्थिति की तुलना कुछ पश्चिम एशियाई देशों में दी जाने वाली सजाओं से की।

बचाव पक्ष ने क्या कहा?

बचाव पक्ष ने दलील दी कि छात्र ने एक ऐसे अपराध के लिए जेल में लगभग दो महीने बिताए हैं, जो कथित तौर पर उसने किया ही नहीं था और ये आरोप लगभग तीन साल पुरानी घटनाओं से जुड़े हैं।

जज ने की सख्त टिप्पणी

जज ने कहा, “अगर आप नमक खाते हैं तो आपको पानी भी पीना पड़ेगा। उसे चार-पांच दिन और रहने दो। उसे जेल की आदत पड़ने दो। किसे पता अगर आपको सजा हुई तो आपको वापस (जेल) जाना पड़ सकता है।” हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया और मामले की सुनवाई के लिए 8 जून की तारीख तय की।

पुलिस ने बताया कि आरोपी ने दोस्ती के बारे में बात करने के बहाने महिला को अपने साथ एक अपार्टमेंट में चलने को कहा और 12 सितंबर, 2023 को उसके साथ यौन उत्पीड़न किया। पुलिस में शिकायत दर्ज कराने से पहले महिला ने सबसे पहले राष्ट्रीय महिला आयोग से संपर्क किया था।

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