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DK शिवकुमार की बढ़ी मुश्किलें, कर्नाटक कैबिनेट में जगह न मिलने से दो विधायकों ने दिया इस्तीफा

Published: Mon, 03 Aug 2026 05:37 PM (IST)

कर्नाटक कैबिनेट विस्तार में जगह न मिलने से कांग्रेस के दो विधायकों, यशवंतरायगौडा वी. पाटिल और बेलूर गोपालकृष्ण ने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार।

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डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। कर्नाटक की राजनीति में सोमवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला। कैबिनेट विस्तार में जगह न मिलने से कांग्रेस के दो विधायकों ने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया।

नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह से पहले, इंडी के विधायक यशवंतरायगौडा वी. पाटिल और सागर के विधायक बेलूर गोपालकृष्ण ने इस्तीफे का ऐलान कर दिया।

पाटिल ने विधानसभा में डिप्टी स्पीकर रुद्रप्पा लमानी को अपना इस्तीफा सौंपा। इसके तुरंत बाद, बेंगलुरु में उनके समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया।

समर्थकों ने आरोप लगाया कि उनके साथ अन्याय हुआ है। गोपालकृष्ण ने भी विधानसभा से इस्तीफा दिया, जिससे कैबिनेट विस्तार की तैयारी कर रही कांग्रेस लीडरशिप पर दबाव बढ़ गया।

अंतिम समय में हटाया गया लिस्ट से नाम 

बाद में पत्रकारों से बात करते हुए पाटिल ने कहा कि आज सुबह तक उनका नाम लिस्ट में था और उन्हें इसकी सूचना भी मिली थी, लेकिन पार्टी की ओर से जारी अंतिम लिस्ट में उनका नाम नहीं था।

उन्होंने कहा, 'मैं पार्टी के अंदर हो रही गतिविधियों पर नजर रख रहा था; आखिरकार आज, विस्तार के दौरान, हमारी लीडरशिप अपना वादा पूरा करने में नाकाम रही। इसलिए, कोई और विकल्प न होने के चलते मेरे लिए इस्तीफा देना जरूरी हो गया था। मैंने इस्तीफा सौंप दिया है।'

यह साफ करते हुए कि वह किसी पद के लालच में इस्तीफा नहीं दे रहे हैं, पाटिल ने कहा, 'यह मेरे जमीर को मंजूर नहीं है। विजयपुरा जिले में हालात ऐसे हैं कि कांग्रेस पार्टी में वफादारी और ईमानदारी की कोई कद्र नहीं है।'

मेरे पास कोई और रास्ता नहीं है: पाटिल 

उन्होंने कहा, 'मेरे पास कोई और रास्ता नहीं है। मैं अपने समर्थकों से बात करके आगे की रणनीति तय करूंगा। मुझे 2023 के विधानसभा चुनावों से पहले ही मंत्री पद का वादा किया गया था, लेकिन सरकार बनने के समय मुझसे कहा गया कि यह ढाई साल बाद होगा हालांकि, वे अपना वादा पूरा नहीं कर पाए।

मेरे पास कोई और विकल्प नहीं है। मैं पार्टी नहीं छोड़ रहा हूं, लेकिन उन्होंने ऐसे हालात बना दिए हैं कि मुझे इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।'

आठ चुनाव लड़ चुके पाटिल ने खुद को 'अनुभवी राजनेता' बताते हुए कहा, 'मैं अपने फैसलों से कभी पीछे नहीं हटता, यह मेरे चुनाव क्षेत्र के मतदाताओं का अपमान है।'

बता दें कांग्रेस सरकार राज्य कैबिनेट में 20 मंत्रियों को शामिल करने जा रही है और शपथ ग्रहण समारोह बेंगलुरु के लोक भवन में शाम 5 बजे होगा। यह विस्तार डी.के. शिवकुमार के मुख्यमंत्री का पद संभालने के लगभग दो महीने बाद हो रहा है।

इन इस्तीफों से पार्टी के भीतर असंतोष और बढ़ने की संभावना है, क्योंकि कई नेता नई कैबिनेट में जगह न मिलने से नाराज बताए जा रहे हैं।

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