कर्नाटक: 50 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ाया तहसीलदार, लोकायुक्त ने शिकायत के बाद की कार्रवाई
कर्नाटक के धारवाड़ जिले में लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तहसीलदार सचिदानंद कुचनूर को 50 लाख रुपये की रिश्वत ...और पढ़ें

धारवाड़ तहसीलदार 50 लाख रुपये की रिश्वत लेते पकड़े गए (फाइल फोटो)
HighLights
धारवाड़ तहसीलदार 50 लाख रुपये की रिश्वत लेते पकड़े गए।
लोकायुक्त ने जमीन रिकॉर्ड सुधार के बदले कार्रवाई की।
शिकायतकर्ता डेवलपर की सूचना पर जाल बिछाया गया।
डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। कर्नाटक के धारवाड़ जिले में लोकायुक्त ने एक बड़ी कार्रवाई की है जिसमें धारवाड़ के तहसीलदार को 50 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया है। लोकायुक्त के मुताबिक, तहसीलदार सचिदानंद कुचनूर ने जमीन के रिकॉर्ड में सुधार के बदले ये रकम मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त ने जाल बिछाया और तहसीलदार को रंगे हाथ नकदी लेते पकड़ लिया गया।
डेवलपर की शिकायत के बाद कार्रवाई
लोकायुक्त एसपी सिद्धलिंगप्पा ने बुधवार देर रात कार्रवाई की जानकारी दी। लोकायुक्त ने बताया कि एक डेवलपर ने शिकायत की थी कि वह धारवाड़ तालुक के यारिकोप्पा में जमीन रिकॉर्ड में सुधार कराना चाहता था जिसके लिए तहसीलदार ने कथित तौर पर एक एकड़ जमीन और 50 लाख रुपये मांगे थे। शिकायतकर्ता से कहा गया था कि रिकॉर्ड में सुधार और जमीन के बंटवारे का काम कराने के लिए ये रकम देनी होगी।
डेवलपर ने करीब 33 एकड़ जमीन खरीदी थी। इस जमीन के रिकॉर्ड में खेती योग्य और खराब हिस्से को लेकर सुधार की जरूरत थी। इसी सिलसिसले में वह अधिकारियों के पास गया था।
शिकायत के बाद बिछाया जाल
डेवलपर की शिकायत के बाद लोकायुक्त ने मामला दर्ज किया और मामले पर कार्रवाई की तैयारी की। तहसीलदार ने शिकायतकर्ता को पैसे देने के लिए KCD ग्राउंड के पास बुलाया था, शिकायतकर्ता तय समय पर 50 लाख रुपये लेकर पहुँचा।
पूरी रकम एक लाल रंग के बैग में रखी गई थी। तहसीलदार ने ये बैग तहसीलदार को सौंप दिया और तहसीलदार ने बैग लेकर रकम अपने बैग में रख ली। इसी दौरान लोकायुक्त की टीम ने उसे पकड़ लिया।
तहसीलदार के खिलाफ करप्शन का मामला दर्ज
लोकायुक्त अधिकारियों ने घूस की रकम सीज करने के साथ ही तहसीलदार के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया। अब तहसीलदार की जमीन के दस्तावेजों, रिश्वत की कथित डिमांड और इस केस में अन्य लोगों की संभावित भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
रिकॉर्ड सुधार से पहले हुई थी कार्रवाई
लोकायुक्त ने मामले की जानकारी देते हुए बताया, 'जमीन के रिकॉर्ड सुधार से पहले भी इस मामले में कार्रवाई हुई थी। ज्वाइंट डॉयरेक्टर ऑफ लैंड रिकॉर्डस ने पहले के पोडी को रद्द करने का आदेश दिया था। साथ ही नए सिरे से पोडी करने के निर्देश दिए गए थे।
इसके बाद असिस्टेंड डायरेक्टर ऑफ लैंड रिकॉर्डस ने तहसीलदार को प्रस्ताव भेजा था। इसमें जमीन के रिकॉर्ड में सुधार की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात थी। तहसीलदार पर इसी काम को पूरा कराने के लिए रिश्वत मांगने का आरोप है। शिकायत मिलने के कुछ ही घंटों में लोकायुक्त टीम ने कार्रवाई कर दी।
