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4 डिप्टी सीएम, सिद्दरमैया के बेटे को मंत्री पद का ऑफर... कर्नाटक के लिए कांग्रेस का प्लान तैयार

Published: Fri, 29 May 2026 11:30 PM (IST)Updated: Fri, 29 May 2026 11:42 PM (IST)

कांग्रेस आलाकमान कर्नाटक में डीके शिवकुमार के नेतृत्व में सरकार गठन पर मंथन कर रहा है, जिसमें सिद्दरमैया ने अपने ...और पढ़ें

डीके शिवकुमार, सिद्दरमैया

डीके शिवकुमार, सिद्दरमैया 

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नीलू रंजन, नई दिल्ली। कर्नाटक में डीके शिवकुमार के नेतृत्व में सरकार बनाने की रूपरेखा पर दिल्ली में कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व मंथन कर रहा है। एनसीआर में आंधी-बारिश के कारण गुरुवार की देर रात दिल्ली पहुंचे निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्दरमैया ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की।

सोनिया गांधी के घर पर हुई मुलाकात में राहुल गांधी ने सिद्दरमैया को ओबीसी राजनीति का अहम चेहरा बताते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अहम भूमिका निभाने की जरूरत बताई। लेकिन, बताया जाता है कि सिद्दरमैया इस मुद्दे को टाल गए। बातचीत में सिद्दरमैया ने नए मुख्यमंत्री के रूप में शिवकुमार को पूरी तरह सहयोग देने का आश्वासन दिया। उन्होंने नई सरकार में अपने मंत्रिमडल के सहयोगियों को स्थान दिए जाने पर जोर दिया। 

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सिद्दरमैया के बेटे को बनाया जा सकता है मंत्री 

इस बीच, पार्टी सूत्रों ने संकेत दिया है कि सरकार में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिए चार उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं। सिद्दरमैया के बेटे और विधान परिषद सदस्य यतींद्र को मंत्री बनाए जाने की भी पूरी संभावना है। सिद्दरमैया की सरकार में अकेले शिवकुमार उपमुख्यमंत्री थे।

कर्नाटक में सत्ता का हस्तांतरण सही तरह से हो और शिवकुमार को इस तरह सरकार चलाने का अवसर मिले कि तीन साल की सत्ता विरोधी लहर को कम किया जा सके, इसके लिए कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व सिद्दरमैया को अपने फार्मूले पर मनाने की कोशिश में जुटा है। लेकिन, सिद्दरमैया अपनी कुछ शर्तें पूरी करवाना चाहते हैं।

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सिद्दरमैया ने ठुकराया राज्यसभा का ऑफर 

कांग्रेस नेतृत्व की कोशिश सिद्दरमैया को कर्नाटक से दूर कर राष्ट्रीय राजनीति में लाने की है, ताकि शिवकुमार को सरकार चलाने के लिए फ्रीहैंड मिल सके। लेकिन, वह प्रदेश में मौजूद रहना चाहते हैं जो शिवकुमार के लिए मुश्किलें पैदा करेगा। सिद्दरमैया शीर्ष नेतृत्व की ओर से राज्यसभा का आफर ठुकरा चुके हैं।

सूत्रों के अनुसार, सिद्दरमैया ने कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल को शिवकुमार सरकार में संभावित मंत्रियों की सूची अपनी ओर से सौंपी। बाद में वेणुगोपाल ने राहुल गांधी से इस सूची को लेकर चर्चा की। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के साथ मुलाकात में कर्नाटक में पार्टी संगठन में फेरबदल को लेकर भी चर्चा हुई। तीन वर्षों से शिवकुमार उपमुख्यमंत्री के साथ-साथ प्रदेश अध्यक्ष का भी पद संभाल रहे थे।

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शिवकुमार की राह नहीं होगी आसान 

सिद्दरमैया अब इस पद पर अपने किसी व्यक्ति को देखना चाहते हैं। लेकिन, दो साल के भीतर विधानसभा चुनाव को देखते हुए शिवकुमार संगठन पर अपनी पकड़ कमजोर नहीं होने देना चाहते हैं। जाहिर है शीर्ष नेतृत्व की कोशिशों के बावजूद कर्नाटक में शिवकुमार की राह आसान नहीं होगी।

शीर्ष नेतृत्व के दबाव में सिद्दरमैया ने भले ही इस्तीफा दे दिया हो, लेकिन अब भी वह मुस्लिम, ओबीसी, एससी, एसटी को लेकर बनाए गए अहिंदा समीकरण के सबसे बड़े नेता हैं। अंतिम समय तक कांग्रेस के ज्यादातर विधायकों का समर्थन भी उन्हें प्राप्त था। शीर्ष नेतृत्व को आशंका है कि कर्नाटक में सिद्दरमैया की उपस्थिति हमेशा शिवकुमार की मुश्किलें बढ़ाती रहेगी। इसीलिए उन्हें केंद्र में लाने की बात चल रही है।

चर्चा तो यहां तक है कि उन्हें राज्यसभा में लाकर मल्लिकार्जुन खरगे की जगह विपक्ष का नेता बनाने का भी आफर किया गया है। आने वाले समय में साफ होगा कि सिद्दरमैया कांग्रेस नेतृत्व के फार्मूले को स्वीकार करते हैं या नहीं।

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विजय को कड़ी टक्कर दे सकते हैं शिवकुमार

दशकों तक भारतीय राजनेताओं ने सादगी को अपनाया। सफेद कुर्ता, रबर की चप्पलें, न्यूनतम जीवन शैली। लेकिन, हालिया चुनाव में तमिलनाडु ने जोसेफ विजय को चुनकर देश को चौंका दिया। उनकी घोषित संपत्ति 624 करोड़ रुपये है, 13 करोड़ रुपये से अधिक की लग्जरी कारें हैं और सैकड़ों करोड़ रुपये बैंक खातों में जमा हैं।

अब कर्नाटक की कमान संभालने जा रहे डीके शिवकुमार जोसेफ विजय को कड़ी टक्कर दे सकते हैं। हालांकि, विजय अगर शालीन समृद्धि के प्रतीक हैं, तो शिवकुमार उनसे बिल्कुल अलग हैं। वह खुलेआम विलासिता का प्रदर्शन करते हैं।

वह जिन वस्तुओं का उपयोग करते हैं, उनमें 54 हजार रुपये का गुच्ची जैक्वार्ड ऊनी स्कार्फ, एक लाख रुपये से अधिक का लुई विटान रेक्जाविक स्कार्फ और 15 लाख रुपये से लेकर 1.4 करोड़ रुपये तक की कीमत वाली रोलेक्स कास्मोग्राफ डेटोना घड़ियां शामिल हैं।

महंगे शौक छिपाने वाले कई राजनेताओं के विपरीत वह शायद ही कभी इसके लिए माफी मांगते हैं। एक बार अपनी रोलेक्स और कार्टियर घड़ियों पर हुई आलोचना के बाद उन्होंने कहा था-क्या मुझे अपनी पसंद की घड़ी पहनने का अधिकार नहीं है?

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शिवकुमार के ज्योतिषी ने कहा-वह उम्मीदें खो बैठे थे

लंबे समय से शिवकुमार के ज्योतिषी रहे बेलूर द्वारकानाथ ने बताया है कि कांग्रेस नेता ने कई बार मुख्यमंत्री बनने की उम्मीदें खो दी थीं और इस वजह से वह अवसाद में चले गए थे।

उपमुख्यमंत्री के रूप में शिवकुमार द्वारा बिताए गए पिछले तीन वर्षों के बारे में द्वारकानाथ ने कहा कि वह आसानी से हार मानने वालों में से नहीं हैं। वह अंत तक लड़ने वाले व्यक्ति हैं। यही उनका गुण है। लेकिन, मैं आपको बता दूं, कई बार वह रोए हैं। कई बार अवसाद में चले गए हैं।

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लगभग उम्मीद खो बैठे हैं। मैंने हमेशा उन्हें हिम्मत दी। उन्हें बताया कि वह मुख्यमंत्री बनेंगे। और ठीक वैसा ही हो रहा है। अब जबकि यह स्पष्ट हो गया है कि शिवकुमार मुख्यमंत्री बनेंगे, तो ज्योतिषी ने उनसे कहा कि पद स्वीकार कर लें, लेकिन यह कांटों भरा रास्ता भी है। आपको दृढ़ संकल्प के साथ काम करना होगा।

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