नई दिल्ली, एएनआइ। करनाल के आईईडी और गोला-बारूद बरामदगी मामले की जांच अब एनआइए (NIA) ने अपने हाथ में ले ली है। इस मामले में इस महीने की शुरुआत में हरियाणा पुलिस ने चार आतंकी संदिग्धों को पकड़ा था। मामले में करनाल टोल प्लाजा पर पांच मई को गुरप्रीत, अमनदीप, परमिंद्र सिंंह व भूपिंदर को गिरफ्तार किया गया था। उनसे एक पिस्तौल, 31 जिंदा कारतूस के अलावा विस्फोटक व एक लाख 30 हजार रुपये की नकदी बरामद की गई थी।

पंजाब से दिल्ली जाते वक्त हुई थी गिरफ्तारी

बता दें कि ये चारों आतंकियों को हरियाणा पुलिस ने पंजाब से दिल्ली की तरफ जाते हुए गिरफ्तार किया था। पुलिस को इनके पास से गाड़ी में संदिग्ध पदार्थ भी मिले थे, जिसके लिए बम निरोधक दस्ता मंगाया गया था। करनाल पुलिस द्वारा पकड़े गए चारों आतंकी पंजाब के रहने वाले हैं जिनमें से तीन फिरोजपुर के हैं। गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs,MHA) ने मामले की जांच का जिम्मा NIA को सौंप दिया और आतंक रोधी एजेंसी ने इसी हफ्ते FIR दर्ज करा दिया।

बरामद हुए हैं ये हथियार

तीन IEDs, एक स्वदेशी पिस्तौल, 31 लाइव काट्रिज (live cartridge), 1.31 लाख नकद और छह मोबाइल फोन बरामद किए गए। हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज (Anil Vij) ने कहा था कि इन संदिग्ध आतंकियों को पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए विस्फोटक मिले जिसे इन्हें तेलंगाना के आदिलाबाद पहुंचाने का काम दिया गया। तेलंगाना, पंजाब और हरियाणा पुलिस ने मिलकर इन्हें पकड़ने के लिए आपरेशन की शुरुआत की थी। 'पाकिस्तानी मूल के बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के कमांडर हरविंदर सिंह रिंडा ने इन आतंकियों को लोकेशन शेयर कर निर्देश दिया था कि इन्हें आदिलाबाद तक विस्फोटक पहुंचाने हैं। बता दें कि रिंडा को पाकिस्तान के इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस (ISI) से समर्थन प्राप्ता है। रिंडा की मदद से BKI ने साल 2021 में लुधियाना ब्लास्ट को अंजाम दिया था। यह जानकारी हरियाणा पुलिस ने दी।

Edited By: Mahen Khanna