मुंबई, आईएएनएस। संकट में घिरी जेट एयरवेज की मुसीबतें जल्द खत्म होती नहीं दिख रहीं। एयरलाइन की मुसीबतें अब यात्रियों पर भी भारी पड़ने लगी हैं। कर्जदाताओं से पैसे न मिलने की वजह से एयरलाइन कंपनी को अब अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें 18 अप्रैल तक के लिए रद करनी पड़ी हैं। ऐसे में अगर आप विदेश यात्रा करने वाले हैं और आपके पास जेट एयरवेज का टिकट है तो आपको परेशानी हो सकती है।

इस मामले में अब नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने भी संज्ञान लिया है। उन्होंने नागर विमानन सचिव से जेट एयरवेज के मामलों का रिव्यू करने को कहा है। उन्होंने सचिव से यात्रियों के अधिकारों और सुरक्षा को भी सुनिश्चित करने को कहा है।

जेट एयरवेज के सीईओ विनय दुबे ने सोमवार को कंपनी के 20000 से ज्यादा कर्मचारियों को एक चिट्ठी लिखकर कहा कि अंतरिम वित्तपोषण अब तक नहीं मिला है, जिसकी वजह से हमने गुरुवार तक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद कर दी हैं। बता दें कि बैंकों ने पहले वादा किया था कि वे एयरलाइन को 1500 करोड़ रुपये देंगे।

वित्तीय संकट का समाधान करने के लिए जेट एयरवेज प्रबंधन और कर्जदाताओं की मुंबई में सोमवार को लंबी बैठक भी हुई। इस बारे में अब मंगलवार सुबह बोर्ड की बैठक तय है।

दुबे ने कहा कि परिचालन के लिए अंतरिम वित्तपोषण को लेकर एयरलाइन कर्जदाताओं से बात कर रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी प्रबंधन आगे के कदमों को लेकर बोर्ड से दिशानिर्देश भी मांगेगा। दुबे ने कर्मचारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि जरूरी घटनाक्रमों को लेकर हम आपको जानकारी देते रहेंगे।

Posted By: Digpal Singh

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