विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

जापान की रेटिंग एजेंसी जेसीआर ने बढ़ाई भारत की रेटिंग, ट्रिपल B+ से बढ़ाकर की A-; मजबूत आर्थिक स्थिति पर लगाई मुहर

Published: Wed, 02 Sep 2026 11:25 PM (IST)

जापान की रेटिंग एजेंसी जेसीआर ने भारत की क्रेडिट रेटिंग को 'ट्रिपल बी प्लस' से बढ़ाकर 'ए माइनस' कर दिया है।

जापान की एजेंसी जेसीआर ने बढ़ाई भारत की क्रेडिट रेटिंग (AI इमेज)

जापान की एजेंसी जेसीआर ने बढ़ाई भारत की क्रेडिट रेटिंग (AI इमेज)

HighLights

  1. जेसीआर ने भारत की रेटिंग 'ट्रिपल बी प्लस' से 'ए माइनस' की।

  2. मजबूत आर्थिक सूचकांकों और अनुकूल निवेश नीति के कारण यह वृद्धि।

  3. भारत लगातार तीन वर्षों से सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की विकास दर पर भारत के अंदर विपक्ष भले सवाल खड़े कर रहा है मगर जेसीआर (जापान रेटिंग एजेंसी) ने भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करार देते हुए इसकी रेटिंग क्षमता बढ़ा दी है।

विभिन्न मजबूत आर्थिक सूचकांक और अनुकूल निवेश नीति को देखते हुए जेसीआर ने भारत की रेटिंग एक पायदान बढ़ाकर ‘ए-’ कर दी। इससे पहले भारत की रेटिंग ट्रिपल बी प्लस (बीबीबी प्लस) थी।

ध्यान रहे कि जापान विकसित देश है और जेसीआर वैश्विक स्तर पर विश्वसनीय एजेंसी मानी जाती है। किसी देश की ए रेटिंग इस बात को दर्शाती है कि वित्तीय जिम्मेदारी को निभाने को लेकर उस देश पर उच्च स्तरीय तरीके से भरोसा किया जा सकता है।

ट्रिपल बी प्लस यह दर्शाता है कि वह देश वित्तीय जिम्मेदारी को निभाने में पर्याप्त सक्षम है।

इससे पहले पिछले महीने दो अन्य वैश्विक रेटिंग एजेंसियां एसएंडपी और फिच भी भारतीय अर्थव्यवस्था की सराहना कर चुकी हैं।

दोनों एजेंसियों ने भारत की नीतिगत स्थिरता और इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी खर्च को देखते हुए भारत को निवेश के मामले में उपयुक्त स्थान करार दिया था। पिछले तीन सालों से भारत दुनिया में सबसे तेज गति से विकास करने वाला देश बना हुआ है।

जीएसटी संग्रह से लेकर आटोमोबाइल्स बिक्री, मैन्युफैक्चरिंग व लोन दर में तेजी, सर्विस सेक्टर के साथ वस्तु निर्यात में हो रही लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए जापानी रेटिंग एजेंसी ने चालू वित्त वर्ष में भारत की विकास दर छह प्रतिशत से अधिक रहने का अनुमान लगाया है।

एजेंसी ने भारत में लगातार हो रही वित्तीय सुधार व नीतिगत फैसले से मिल रही कारोबारी स्थिरता को देखते हुए भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक निवेश के अनुकूल करार दिया।

जेसीआर ने कहा कि 140 करोड़ से अधिक की आबादी और मौजूदा मूल्य पर 3.90 लाख करोड़ डालर की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वाली भारतीय अर्थव्यवस्था में निजी और सार्वजनिक खपत दोनों ही बढ़ रही हैं, जिसकी मदद से अर्थव्यवस्था सात प्रतिशत की ऊंची दर से विकास कर रही है।

देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआइ ने चालू वित्त वर्ष में 7.3 प्रतिशत विकास दर रहने का अनुमान लगाया है।


आर्थिक विकास के अनुकूल नीतियां लागू कर रही केंद्र सरकार

एजेंसी ने कहा कि भारत सरकार ने उत्पादकता वृद्धि और आर्थिक विकास के अनुकूल नीतियों को लगातार लागू किया है। इनमें डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे का विकास और जीएसटी को लागू करना शामिल है। इससे देश की आर्थिक बुनियाद पहले से मजबूत हुई है।

हालांकि, जेसीआर ने मौजूदा कुछ संरचनात्मक चुनौतियों का भी उल्लेख किया है। इनमें राजकोषीय घाटे का अधिक होना, राज्यों के बीच आर्थिक असमानता और चुनावों को लेकर राजकोषीय प्रबंधन की संवेदनशीलता शामिल हैं।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।