विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

अगले 5 से 10 सालों में कहां होगा भारत? ग्लोबल ऑर्डर पर विदेश मंत्री जयशंकर का जवाब

Published: Sun, 04 Oct 2026 05:44 PM (IST)

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि अगले 5-10 सालों में भारत के ग्लोबल पावर रैंकिंग में तेजी से ऊपर उठने की क्षमता है।

ग्लोबल ऑर्डर पर विदेश मंत्री जयशंकर का जवाब।

ग्लोबल ऑर्डर पर विदेश मंत्री जयशंकर का जवाब।

HighLights

  1. भारत में अगले 5-10 सालों में ग्लोबल पावर बनने की क्षमता।

  2. तेज विकास, अनुकूल डेमोग्राफिक प्रोफाइल और नए आर्थिक अवसर सहायक।

  3. 'मिडिल पावर' देशों का भविष्य अलग-अलग दिशाओं में जाएगा।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत में अगले पांच से दस सालों में ग्लोबल पावर की रैंकिंग में तेजी ऊपर उठने की क्षमता है। उन्होंने इसके लिए आने वाले दशकों में तेज विकास, मददगार डेमोग्राफिक प्रोफाइल और नए आर्थिक मौकों के उभरने का जिक्र किया।

रविवार को दिल्ली में म्यूनिख लीडर्स मीटिंग में जयशंकर के पूछा गया कि अगले पांच से दस सालों में ग्लोबल ऑर्डर में भारत की स्थिति क्या होगी। उन्होंने कहा कि जिन देशों को अभी मिडिल पावर माना जाता है, जरूरी नहीं कि वे सभी एक ही रास्ते पर चलें। कुछ शक्तियां ज्यादा मिडिल और कुछ अपर मिडिल हैं।

भारत के बारे में बात करते हुए जयशंकर ने कहा कि देश के सामने तेज विकास के कई दशक हैं और तर्क दिया कि इसकी डोमोग्राफिक प्रोफाइल उस विकास को बनाए रखने में मदद कर सकती है।

ग्लोबल इकनॉमी में नई संभावनाएं उभर रही- जयशंकर

जयशंकर ने यह भी तर्क दिया कि भारत को शायद पहले की अर्थव्यवस्थाओं द्वारा अपनाए गए पारंपरिक औद्योगीकरण के रास्ते पर चलने की जरूरत न पड़े, क्योंकि तेजी से बदलती ग्लोबल इकनॉमी में नई संभावनाएं उभर रही हैं। उन्होंने कहा कि मैं तो यही कहूंगा कि दुनिया अब कहीं ज्यादा क्रिएटिव है, जहां कई-कई संभावनाएं हैं, इसलिए हमें जरूरी नहीं कि औद्योगीकरण के पुराने रास्ते पर ही चलना पड़े।

मिडिल पावर्स के बीच भारत की जगह

जयशंकर ने कहा कि ग्लोबल पावर की रैंकिंग में बदलाव एक जैसा नहीं होगा, जो देश अभी 'मिडिल पावर' के तौर पर एक साथ गिने जाते हैं, वे भविष्य में अलग-अलग दिशाओं में जा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि मिडिल पावर्स में से कुछ आगे निकल जाएंगे, कुछ वहीं बने रहेंगे, और कुछ शायद थोड़ा पीछे छूट जाएंगे। यही सच्चाई है। यह ग्लोबल ऑर्डर में बदलाव का हिस्सा होगा।

इसे भी पढ़ें: भारत की परमाणु ताकत: लंबी दूरी की मिसाइलों से लैस न्यूक्लियर ट्रायड दुश्मन को घर में घुसकर मारने में सक्षम