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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 07, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लश्कर-जैश पर लगाओ लगाम, पाक विदेश मंत्री ने सरकार को दी सलाह

By Lalit RaiEdited By:
Published: Thu, 07 Sep 2017 03:42 PM (IST)Updated: Thu, 07 Sep 2017 07:11 PM (IST)

ब्रिक्स सम्मेलन में भारत की कामयाबी के बाद पाकिस्तान बौखला गया है। पाक विदेश मंत्री ने कहा कि अब पाकिस्तान की धरती से आतंकी संगठनों को हटाना जरूरी है।

लश्कर-जैश पर लगाओ लगाम, पाक विदेश मंत्री ने सरकार को दी सलाह
लश्कर-जैश पर लगाओ लगाम, पाक विदेश मंत्री ने सरकार को दी सलाह

नई दिल्ली [स्पेशल डेस्क] । चीन के शियामेन शहर में पांच सितंबर को ब्रिक्स सम्मेलन का औपचारिक समापन हुआ। लेकिन चार सितंबर को ब्रिक्स घोषणापत्र के 48 वें पैरे ने शायद पहली बार पाकिस्तान को परेशानी में डाल दिया। पाकिस्तान को उम्मीद थी कि उसका आका चीन 2016 में गोवा ब्रिक्स घोषणापत्र की तरह अपनी जमीन से भी पाकिस्तान की राह आसान करेगा। लेकिन भारतीय कूटनीति के आगे चीन की भी नहीं चल सकी। ब्रिक्स घोषणापत्र के 48वें पैरे में लश्कर, जैश, हक्कानी नेटवर्क का साफ तौर पर जिक्र किया गया। ब्रिक्स में एक तरफ जब सम्मेलन का औपचारिक समापन हुआ, ठीक उसके बाद पाकिस्तान ने कहा कि वो ब्रिक्स घोषणापत्र से इत्तेफाक नहीं रखता है। लेकिन पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अपनी सरकार को चेतावनी के साथ-साथ सलाह भी दी कि अब समय बदल रहा है। आइए जानने की कोशिश करते हैं कि पाकिस्तान सरकार की घोषित नीति के खिलाफ जाकर पाक विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ के बयान के मायने क्या हैं, लेकिन उससे पहले ख्वाजा आसिफ के बयान को जानने की जरूरत है।  

जब पाक विदेश मंत्री ने सच बयां किया

पाकिस्तान ने आखिरकार माना कि उसकी जमीन से ही लश्कर व जैश जैसे आतंकी संगठन सक्रिय हैं। जब तक ऐसे संगठनों पर काबू नहीं पाया जाएगा, तब तक विश्व मंच पर उसकी फजीहत होती रहेगी। पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने चेतावनी दी है कि लश्कर-जैश जैसे आतंकी समूहों पर काबू पाए जाने तक देश अपमानित होता रहेगा। आसिफ की स्वीकारोक्ति से दो दिनों पहले ब्रिक्स समूह की शिखर बैठक में पहली बार लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों का नाम लिया गया था। ट्रंप भी हक्कानी नेटवर्क जैसे आतंकी समूहों को सुरक्षित ठिकाना मुहैया कराने के लिए पाकिस्तान की आलोचना कर चुके हैं।

आसिफ ने माना कि लश्कर और जैश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित हैं। ये पाकिस्तान से संचालित हो रहे हैं। चीन रवाना होने से एक दिन पहले मंगलवार को उन्होंने कहा, ‘हमें अपने मित्रों से यह कहना जरूरी है कि हमें अपने घर को सुधारना होगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपमानित होने से बचने के लिए अपने घर की व्यवस्था दुरुस्त करनी होगी।’

आसिफ के मुताबिक, ब्रिक्स घोषणा को चीन के कदम के रूप में नहीं देखना चाहिए। इस समूह में रूस, भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका भी शामिल हैं। ब्रिक्स घोषणा पत्र में लश्कर और जैश का नाम शामिल होना पाकिस्तान के लिए झटका माना जा रहा है। पिछले वर्ष गोवा में हुए ब्रिक्स शिखर बैठक में चीन ने इन दोनों संगठनों का नाम शामिल नहीं होने दिया था।

 

ब्रिक्स घोषणापत्र से पाकिस्तान नाराज

चार अगस्त को जब ब्रिक्स घोषणापत्र जारी किया जा रहा था, उस वक्त पाकिस्तान की निगाह इस बात पर टिकी थी कि उसका रहनुमा चीन क्या गोवा ब्रिक्स की तरह कुछ राहत लेकर आता है नहीं। लेकिन जैश और लश्कर का नाम आने के बाद पाकिस्तान बौखला उठा और ब्रिक्स घोषणापत्र को मानने से इनकार कर दिया। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान की नाराजगी को दूर करने के लिए चीन की तरफ से कोशिश जारी है। इन सबके बीच पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ चीन की यात्रा करने वाले हैं। आपको बता दें कि ब्रिक्स घोषणापत्र के 48वें पैरा में जैश, लश्कर, हक्कानी नेटवर्क तहरीक-ए-तालिबान ऑफ पाकिस्तान का जिक्र किया गया है। 

पाक सेना प्रमुख ने बाजवा ने क्या कहा

आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान की दुनिया भर में किरकिरी हो रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप पहले ही कह चुके हैं। हक्कानी नेटवर्क के जरिए पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देने में जुटा हुआ है। इसके साथ लश्कर और जैश जैसे संगठन भारत को अस्थिर करने में जुटे हुए हैं। ट्रंप ने साफ कर दिया कि पाकिस्तान को आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। इन सबके बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा ने कहा कि कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान का नैतिक समर्थन जारी रहेगा।

भारतीय सेना प्रमुख बिपिन रावत ने क्या कहा

भारतीय थल सेनाध्यक्ष ने कहा कि पाकिस्तानी सेना, पाक हुक्मरानों ने अपने नागरिकों को समझा दिया है कि भारत उनका सबसे बड़ा दुश्मन है। पाकिस्तानी समाज को बांटकर भारत उनके देश के टुकड़े-टुकड़े करवाना चाहता है। पाकिस्तान लंबे समय से भारत में क्षद्म युद्ध चला रहा है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश पाकिस्तान की नापाक हरकतों का जवाब देने के लिए हमें हमेशा तैयार रहना होगा। भारतीय फौज और सुरक्षा बल देश की पश्चिमी सीमा पर लगातार अपनी तैयारियों को मजबूत बनाने में जुटे हुए हैं। पाकिस्तान को लेकर हमें लगातार रणनीति और कूटनीति पर काम करना होगा।

'डॉन' ने अपने हुक्मरानों को चेताया

पाकिस्तान के प्रमुख अखबार डॉन ने अपने संपादकीय में भारत की सराहना करते हुए लिखा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसका पूरा और जोरदार प्रभाव है। ब्रिक्स घोषणापत्र दोस्त और शत्रु अब गंभीरता से सोच दोनों के लिए समान है। पाकिस्तान को विश्व व्यवस्था में अपनी भूमिका के बारे में गंभीरता से सोचना होगा। ब्रिक्स घोषणापत्र में जिस तरह से लश्कर, जैश और हक्कानी नेटवर्क का जिक्र किया गया है, उससे साफ है कि विश्व स्तर पर इन संगठनों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो सकती है।


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