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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 02, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

इसे देखकर फटी रह जाएंगी आपकी आंखें, बदल देगा स्‍पेस मिशन का भविष्‍य

By Kamal VermaEdited By:
Published: Fri, 02 Jun 2017 04:18 PM (IST)Updated: Sat, 03 Jun 2017 09:33 AM (IST)

यह हमारी सोच से भी कहीं अधिक बड़ा है। 28 पहिये और बोईंग 747 के छह इंजन के साथ यह स्‍पेस मिशन के भविष्‍य को भी बदलकर रख देगा।

इसे देखकर फटी रह जाएंगी आपकी आंखें, बदल देगा स्‍पेस मिशन का भविष्‍य
इसे देखकर फटी रह जाएंगी आपकी आंखें, बदल देगा स्‍पेस मिशन का भविष्‍य

नई दिल्‍ली (स्‍पेशल डेस्‍क)। अभी तक जिसके बारे में किसी ने नहीं सोचा था उस काम को माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्‍थापक पॉल एलन ने पूरा कर दुनिया को हैरत में डालने का काम किया है। दरअसल, उन्‍होंने सबसे बड़ा विमान बनाकर दुनिया को आश्‍चर्यचकित कर दिया है। इसका मूल उद्देश्य धरती से 35 हजार फीट की ऊंचाई पर सैटलाइट ले जाकर स्पेस में लॉन्च करना है। इससे ईंधन का खर्च तो बचेगा ही, सैटलाइट या स्पेस मिशन को ज्यादा दूरी के लिए भी भेजा जा सकेगा। ऐलन ने इसे 'एयर लॉन्च' नाम दिया है। इस विमान को पॉल एलन की एयरोस्पेस फर्म तैयार कर रही है। माइक्रोसॉफ्ट के सह संस्थापक पॉल एलेन पिछले तीन साल से एक अत्याधुनिक प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। गुरुवार को पहली बार यह दुनिया के सामने आया। इसकी दौरान इसमें लगे सभी 28 व्‍हील्‍स की टेस्टिंग की गई। इस दौरान इंजन भी चालू करके देखा गया।

स्‍पेस मिशन में भी कामयाब रहेगा यह विमान

यह विमान दो हिस्‍सों में बंटा है। इस विमान का बीच वाला हिस्‍सा स्‍पेस मिशन के लिए रॉकेट लॉच करने के लिए इस्‍तेमाल लाया जा सकेगा। कंपनी की तैयारी इस विमान से एक स्‍मॉल सैटेलाइट लॉन्च करने की है। इसके लिए कंपनी ने एक डील भी साइन भी की है। इसके तहत इस विमान के माध्‍यम से सैटेलाइट को लॉन्‍च करने के लिए एक तय ऊंचाई तक एक रॉकेट के जरिए ले जाया जाएगा। इसके बाद इसको चरणबद्ध तरीके से इसको लॉन्‍च किया जाएगा। ये तरीका काफी सस्ता, सटीक और तेज रफ्तार साबित होगा। अब तक पारंपरिक तौर पर सैटेलाइट लॉन्चिंगपैड से लॉन्च किए जाते हैं, जिसमें काफी मात्रा में फ्यूल लगता है। यदि एलन की कंपनी अपने मिशन में सफल हुई तो यह वास्‍तव में बड़ा बदलाव साबित होगा।

ऐसा है ये विशाल विमान

2011 में शुरुआती तौर पर इसकी अनुमानित लागत 300 मिलियन डॉलर बताई गई थी। इस विमान में बोईंग 747 के छह 6 इंजन हैं। इसके अलावा दो कॉकपिट हैं। कैलिफोर्निया के मोजेव में के हैंगर पहली बार इसको कल निकाला गया। इस विमान के पंख किसी फुटबॉल के मैदान से भी बड़े हैं। इस विमान में 28 पहिएं हैं। इस विमान की ऊंचाई पचास फीट है। इसके पंखों की लंबाई 385 फीट है। यह विमान होवर्ड ह्यूजेस के H-4 हर्क्युलिस और सोवियन दौर के कार्गो प्लेन एन्टोनोव एन-225 से भी बड़ा है। इसका वजन ही सवा दो लाख किलो है। यह विमान 1.3 मिलियन पाउंड तक वजन के साथ उड़ान भर सकता है। इस विमान की अधिकतम ईंधन क्षमता 1.3 मिलियन पाउंड है।

इस विमान की खासियत

- फुटबाल के स्‍टेडियम से भी बड़े हैं पंख।
- इसमें लगे है बोईंग 747 के छह इंजन।
- इसकी लंबाई 238 फीट है।
- इसके पंखों की लंबाई 385 फीट है।
- स्‍पेस प्रोग्राम के लिए भी कारगर है विमान।
- विमान का कुल वजन 1.3 मिलियन पाउंड है।
- मिशन रेंज 1000 नॉटिकल मील है।
- 13500 पाउंड के सैटेलाइट को अर्थ के लॉवर आर्बिट में छोड़ सकता है।
- अगले मिशन के लिए वापस आ सकता है प्‍लेन।

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