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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 31, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अगर आप स्पेस में तलाश रहे हैं घर तो 'असगार्दिया' देगा बेहतर विकल्प

By Lalit RaiEdited By:
Published: Thu, 31 Aug 2017 03:57 PM (IST)Updated: Thu, 31 Aug 2017 04:25 PM (IST)

असगार्दिया स्पेस नेशन जल्द ही हकीकत में तब्दील हो जाएगा। असगार्दिया के संस्थापक इगोर का कहना है कि कुछ अड़चनों को जल्द ही दूर कर लिया जाएगा।

अगर आप स्पेस में तलाश रहे हैं घर तो 'असगार्दिया' देगा बेहतर विकल्प
अगर आप स्पेस में तलाश रहे हैं घर तो 'असगार्दिया' देगा बेहतर विकल्प

नई दिल्ली [स्पेशल डेस्क]।  अगर आप कुछ अलग हटकर काम करते हैं, या सोचते हैं तो आपके लिए मौके दस्तक दे रहे हैं। अभी तक आपने जमीन पर अलग-अलग देशों के नाम सुने होंगे। लेकिन निकट भविष्य में एक अनोखा देश साकार रूप ले सकता है। धरती के मौजूदा देशों और उस देश में अंतर सिर्फ इतना होगा कि वो स्पेस में होगा। स्पेस में देश? ये सुनकर आप चौंक जाएंगे कि यह सब कैसे मुमकिन है। लेकिन हकीकत में ये सब कुछ मुमकिन होने जा रहा है। रूसी उद्योगपित इगोर अशुरबेयली, असगार्दिया नाम के स्पेस नेशन के लिए आर्थिक मदद कर रहे हैं। 

इगोर अशुरबेयली का कहना है कि असगार्दिया धरती और मानव के लिए रक्षक का काम करेगा। रक्षा कवच के रूप में धरती को कॉस्मिक किरणों और धूमकेतुओं के खतरे से बचाएगा। अंतरिक्ष में मौजूद नष्ट हुए सेटेलाइट और रॉकेटों के कचड़े से बचाने का काम करेगा। वियना स्थिति एयरोस्पेस इंटरनेशनल रिसर्च सेंटर के मुखिया इगोर अशुरबेयली का कहना है कि धरती की निचली कक्षा में 20 हजार ऐसे रॉकेट चक्कर लगा रहे हैं, जिनकी टक्कर से धरती की संचार व्यवस्था ठप हो सकती है।

एक नजर में असगार्दिया स्पेस नेशन

- असगार्दिया पहला स्पेस नेशन होगा।

- असगार्दिया के पहले सेटेलाइट को सितंबर में लॉन्च किया जाएगा।

- ऑनलाइन तीन लाख से ज्यादा लोगों ने असगार्दिया पर बसने की इच्छा जताई थी। लेकिन एक लाख 10 हजार लोगों ने असगार्दिया के संविधान में सहमति जताई और उन्हें नागरिकता प्रदान की गई।

(साभार- असगार्दिया)

- असगार्दिया प्रोजेक्ट में दुनिया के अलग –अलग हिस्सों के लोग काम कर रहे हैं।

- यह संप्रभु देश होगा, जिसने संयुक्त राष्ट्र संघ में सदस्य बनने के लिए अर्जी लगायी है।

- 12 अक्टूबर 2016 को हुई थी इस देश को बसाने की घोषणा।

- एक लाख नागरिकों को असगार्दिया पर बसाने की है योजना।

- असगार्दिया पर जाने के लिए पांच लाख लोग ऑनलाइन कर चुके हैं आवेदन।

- एक लाख से ज्यादा लोगों ने इसके संविधान को दी है मंजूरी ।

- मैक गिल विश्वविद्यालय के राम जाखू का कहना है कि धरती पर संसाधन तेजी से खत्म हो जाएंगे। हम ऐसी जगह पर जाना चाहते हैं जहां अभी तक लोग नहीं पहुंचे हैं।

- स्पेस नेशन असगार्दिया खुद का कैलेंडर अस्गार्द बनाने की योजना पर काम कर रहा है, जिसमें 12 महीनों की जगह 13 महीने होंगे।


स्पेस नेशन के सामने हैं कुछ मुश्किलें

दुनिया का पहला अंतरिक्ष देश असगार्दिया बसने से पहले संकट में फंस गया है। जानकार इस बात को लेकर चिंतित हैं कि इस देश की मुद्रा, टैक्स और नेता कौन होगा। रूसी उद्योगपति इगोर अशुरबेयली इस देश को स्थापित करने के लिए आर्थिक मदद मुहैया करा रहे हैं। इगोर चाहते हैं कि असगार्दिया के बसने से पहले संयुक्त राष्ट्र संघ मान्यता दे दे। यह पूरी तरह स्वतंत्र देश होगा। इस साल सितंबर में पहली डाटा सेटेलाइट के लॉन्च होते ही असगार्दिया को बसाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

(साभार- असगार्दिया. स्पेस)
इगोर का कहना है कि इस देश को बसाने में धरती जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। यहां के नागरिक धरती के अलग-अलग हिस्सों के होंगे। वे एक-दूसरे से पूरी तरह से अंजान होंगे। उनकी भाषा, रीति रिवाज, धार्मिक मान्यताएं अलग होंगी। इन सब हालातों में राजनीतिक विद्रोह की स्थिति बन सकती है। लिहाजा ये चिंता स्वभाविक है कि असगार्दिया के बाशिंदों का नेता कौन होगा और उनका राजनीतिक तंत्र कैसे काम करेगा।


इसके अलावा ये भी तय नहीं है कि धरती से आने वाले शरणार्थियों को बसने की इजाजत दी जाए या उस पर रोक लगा दी जाए। इसके अलावा टैक्स कितना और कैसे वसूल किया जाएगा, इसे लेकर कोई नीति नहीं बनी है। मौजूदा संविधान के मुताबिक असगार्दिया पर यूरोपीय देशों की तरह संवैधानिक राजतंत्र होगा। इगोर पांच साल के लिए असगार्दिया के राजा होंगे।
 

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