'जवानों का त्याग हर भारतीय के लिए प्रेरणा', अरुणाचल में भारत-चीन सीमा पर तनातनी के बीच PM मोदी ने की हिमवीरों की तारीफ
प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और राजनाथ सिंह ने ITBP के स्थापना दिवस पर 'हिमवीरों' के साहस और बलिदान की सराहना की।

पीएम मोदी ने आईटीबीपी के जवानों की तारीफ की।
HighLights
पीएम मोदी ने ITBP के 'हिमवीरों' के असाधारण साहस की प्रशंसा की।
अमित शाह ने देश की सुरक्षा में उनके शौर्य को सराहा।
भारत-चीन सीमा पर तनाव के बीच बल को बधाई दी गई।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के स्थापना दिवस पर बल के जवानों को बधाई दी। उन्होंने भारत की सीमाओं की रक्षा में उनके साहस, बलिदान और सेवा की सराहना की।
भारतीय सेना ने आईटीबीपी के 65वें स्थापना दिवस के अवसर पर बल के जवानों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं। एक्स पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने आईटीबीपी के जवानों की उनके साहस और चुनौतियों का सामना करने के दृढ़ संकल्प के लिए प्रशंसा की।
पीएम मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, "आईटीबीपी के स्थापना दिवस पर बल के सभी कर्मियों को बधाई। आईटीबीपी के 'हिमवीरों' ने अपनी असाधारण वीरता से खुद को साबित किया है। उन्होंने हमेशा अद्भुत दृढ़ संकल्प के साथ हर चुनौती का सामना किया है। उनकी निस्वार्थ सेवा और बलिदान देश के लिए प्रेरणा के बहुत बड़े स्रोत हैं।"
अमित शाह ने क्या कहा?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी बल के कर्मियों को बधाई दी। उन्होंने देश की सुरक्षा में उनके साहस की सराहना की और उन जवानों को याद किया जिन्होंने देश की सेवा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
शाह ने एक्स पर लिखा, "उनके शौर्य की गूंज बर्फ से ढके पहाड़ों में सुनाई देती है, जो हमारे देश की सुरक्षा के लिए खड़े हर खतरे को धूल में मिला देती है। सबसे कठिन मौसम में भी डटे रहने का उनका जज्बा, सुरक्षा के प्रति भारत के अडिग संकल्प को दर्शाता है। देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों को नमन।"
राजनाथ सिंह और किरेन रिजिजू ने जवानों को किया नमन
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आईटीबीपी कर्मियों और उनके परिवारों को बधाई दी। उन्होंने सीमा सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा अभियानों में उनके योगदान को रेखांकित किया।
रक्षा मंत्री ने कहा, “आईटीबीपी के स्थापना दिवस पर मैं सभी जवानों और उनके परिवारों को हार्दिक बधाई देता हूं। आईटीबीपी के 'हिमवीरों' ने बेहद कठिन मौसमी परिस्थितियों में भारत की सीमाओं की रक्षा करने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने आंतरिक सुरक्षा अभियानों में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिसमें वामपंथी उग्रवाद से निपटने के प्रयास भी शामिल हैं।”
किरेन रिजिजू ने भी हिमवीरों का अभिवादन किया और बल के आदर्श वाक्य, “शौर्य-दृढ़ता-कर्मनिष्ठा” (वीरता, अडिगता और कर्तव्य के प्रति समर्पण) को याद किया। रिजिजू ने लिखा, "आईटीबीपी स्थापना दिवस के अवसर पर मैं 'हिमवीरों' को हार्दिक बधाई देता हूं। कठिन परिस्थितियों में हमारी सीमाओं की रक्षा करने में आपका अदम्य साहस प्रेरणादायक है। आपके बलिदान और देशभक्ति की भावना को सलाम।"
भारतीय सेना ने आईटीबीपी के 65वें स्थापना दिवस पर बधाई दी। भारतीय सेना ने भी इस बल को अपनी शुभकामनाएं भेजी हैं। एक्स पर एक पोस्ट में कहा गया है कि सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और सेना के सभी रैंक के जवानों ने आईटीबीपी के 65वें स्थापना दिवस के अवसर पर आईटीबीपी कर्मियों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
एलएसी के पास की स्थिति को लेकर दिया जा रहा ध्यान
ये शुभकामनाएं ऐसे समय में आई हैं जब लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) के पास की स्थिति पर लगातार ध्यान दिया जा रहा है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को कहा कि भारत-चीन सीमा पर स्थिति समय-समय पर तब बिगड़ जाती है, जब चीनी सेनाएं अपनी तय गश्त (पेट्रोलिंग) के तरीकों से हट जाती हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "दोनों पक्ष वास्तविक नियंत्रण रेखा पर लंबित मुद्दों को सुलझाने और गलतफहमी तथा गलत आकलन से बचने के लिए मौजूदा राजनयिक और सैन्य तंत्रों का इस्तेमाल करना जारी रखे हुए हैं।"
जयसवाल ने यह भी कहा कि दोनों देश सीमा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए एलएसी के कुछ खास इलाकों में अपनी समझ को बेहतर बनाने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए सहमत हुए हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि द्विपक्षीय संबंधों के सर्वांगीण विकास के लिए सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता बनाए रखना बहुत जरूरी है।
आईटीबीपी के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने हाल ही में अरुणाचल प्रदेश में सीमा के कई स्थानों पर चीनी सैनिकों के साथ लगातार हो रहे टकराव के बारे में बात की। उन्होंने यह भी बताया कि बल ने अपनी सभी सीमा इकाइयों में ड्रोन प्लाटून तैयार किए हैं और 2020 की गलवान घाटी जैसी झड़पों से बेहतर ढंग से निपटने के लिए एक नया स्ट्राइक कोर्स विकसित किया है।
