अरूणाचल प्रदेश सीमा पर चीन के साथ अभी भी जारी टकराव, ITBP चीफ के दावे से विदेश मंत्रालय ने नहीं किया इनकार
आईटीबीपी महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा पर तनाव जारी रहने की आधिकारिक पुष्टि की है, जिसे ...और पढ़ें

विदेश मंत्रालय ने डीजी के दावे को खारिज नहीं किया

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जयप्रकाश रंजन, नई दिल्ली। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के महानिदेशक (डीजी) शत्रुजीत कपूर ने गुरुवार को आधिकारिक रूप से स्वीकार किया कि अरुणाचल प्रदेश में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच कई स्थानों पर तनाव की स्थिति अभी भी जारी है। यह जुलाई से चल रहे तनाव की पहली आधिकारिक पुष्टि मानी जा रही है।
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने इस बारे में स्थिति साफ नहीं की है, लेकिन आइटीबीपी डीजी के दावे को खारिज भी नहीं किया है। साथ ही विस्तृत जानकारी के लिए रक्षा मंत्रालय से संपर्क करने को कहा है। उधर, रक्षा मंत्रालय ने इस पूरे प्रकरण पर चुप्पी साध रखी है।
आईटीबीपी डीजी ने अरुणाचल पर दिया बयान
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि 'जैसा कि हमने पहले भी उल्लेख किया है, जब चीनी सेनाएं पहले से तय गश्त के तौर-तरीकों से हटती हैं, तो भारत-चीन सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिति समय-समय पर बिगड़ जाती है।
दोनों पक्ष वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर बचे हुए मुद्दों को सुलझाने तथा गलतफहमी और गलत आकलन से बचने के लिए मौजूदा राजनयिक और सैन्य तंत्रों का उपयोग करना जारी रखे हुए हैं।
दोनों पक्षों ने बेहतर सीमा प्रबंधन के लिए उपयुक्त क्षेत्रों में एलएसी की समझ को बेहतर बनाने के तरीकों पर चर्चा करने पर भी सहमति जताई है। मैं इस बात पर भी जोर देना चाहूंगा कि द्विपक्षीय संबंधों के समग्र विकास के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखना बहुत जरूरी है।'
अलवर में आयोजित हिमवीर सम्मान समारोह में गुरूवार को बोलते हुए आइटीबीपीडीजी शत्रुजीत कपूर ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में अरुणाचल में कई जगहों पर टकराव हुआ और वह अभी भी जारी है। उन्होंने नई गठित शौर्य कमांडो टीमों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने इस दौरान शानदार प्रदर्शन किया।
कपूर ने चीन को “सबसे मुश्किल” सीमा और “सबसे बड़ा दुश्मन” बताते हुए कहा कि पारंपरिक तरीकों से उसका मुकाबला करना मुश्किल होगा। चीन के साथ भारत की सीमा की रक्षा कर रहे जवानों की तारीफ करते हुएआइटीबीपी डीजी ने कहा कि नई गठित प्लाटून के जवानों ने अरुणाचल में चीनी सैनिकों के साथ टकराव के दौरान बेहतरीन काम किया।
विदेश मंत्रालय ने डीजी के दावे को खारिज नहीं किया
विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस मुद्दे के विस्तृत विवरण के लिए रक्षा मंत्रालय से जानकारी लेनी चाहिए। हालांकि शुक्रवार देर शाम खबर लिखे जाने तक रक्षा मंत्रालय की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
अरुणाचल प्रदेश में एलएसी पर तनाव जुलाई से जारी बताया जा रहा है। हाल के महीनों में देखा जाए तो सितंबर, 2026 के पहले हफ्ते में भारत-अरूणाचल प्रदेश सीमा से दोनों देशों की सेनाओं के बीच टकराव की कुछ खबरें आई थी। तब विदेश मंत्रालय ने कहा था कि, एक ही दिन (6 सितंबर 2026) दोनों देशों की सैन्य कमांडरों के बीच दो बार सीमा पर बैठकें हुई है।
यह अपने आप में अनूठी घटनाक्रम था क्योंकि भारत व चीन के सैन्य कमांडरों के बीच वाचा-दमाई सीमा पर एक दिन में दो बार बैठक करने का यह पहला मामला था। उसके बाद चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने भारत का दौरा भी किया। यहां उनकी भारत के पीएम नरेन्द्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी हुई।
जानकारों का कहना है कि इसके बावजूद अरूणाचल प्रदेश की सीमा पर स्थिति पूरी तरह से सुलझी नहीं है। खास तौर पर असफिला इलाके के पास तक्सिंग क्षेत्र में चीनी सैनिकों की गतिविधियों की सूचनाएं स्थानीय लोग भी देते रहे हैं।
