ITBP डीजी के बयान के बाद सियासत तेज, कांग्रेस ने चीनी सेना से जारी टकराव छिपाने का सरकार पर लगाया आरोप
कांग्रेस ने अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना से जारी टकराव को सरकार द्वारा छिपाने का आरोप लगाया है, जिसका आधार ITBP महानिदेशक का बयान है।
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ITBP डीजी ने अरुणाचल में चीनी सेना से टकराव की पुष्टि की

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संजय मिश्र, नई दिल्ली। कांग्रेस ने अरुणाचल प्रदेश में सीमा पर कई इलाकों में बीते जुलाई माह से ही चीनी सेना से 'टकराव' जारी रहने के आटीबीपी महानिदेशक शत्रुजीत कपूर के बयान को आधार बनाते हुए सरकार पर देश से सच्चाई छुपाने का आरोप लगाया।
पार्टी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से पीएम मोदी की मुलाकातों में सीमा टकराव के मुद्दे नहीं उठाए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि 2020 में पूर्वी लद्दाख की घटना के बाद पीएम द्वारा दी गई क्लीन चिट के बाद चीन अधिक बेखौफ हो चुका है।
आईटीबीपी डीजी के बयान से हलचल
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आईटीबीपी डीजी के खुलासे को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें विपक्ष पर हमला करने की बजाय सीमा के हालात देश के सामने रखते हुए संसद को भी विश्वास में लेना चाहिए।
अरुणाचल के इलाके में चीनी सेना से टकराव संबंधी आइटीबीपी के डीजी का वीडियो शुक्रवार को एक्स पर साझा करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि चीन को बहुत क्लीन चिट दी जा चुकी है और पीएम को सच सामने रखना चाहिए।
अरुणाचल प्रदेश में चीनी पीएलए से लगातार टकराव की आइटीबीपी डीजी द्वारा पुष्टि बेहद चिंताजनक है और क्या डोकलाम और गलवान के बाद एक और गंभीर टकराव की स्थिति बन रही है? अगस्त में तक्सिंग के पास चीनी घुसपैठ की खबरें सामने आई थीं। फिर भी वाचा-दमाई (जो यहां से लगभग 180 किमी दूर है) में कोर कमांडर स्तर की बातचीत के 47 दिन बाद भी टकराव जारी है।
क्या भारत की पेट्रोलिंग की पहुंच इससे प्रभावित हुई है?
उन्होंने कहा कि देश को अंधेरे में क्यों रखा जा रहा है? राजस्थान के अलवर में गुरूवार को आइटीबीपी के वार्षिक सम्मान समारोह में बोलते हुए शत्रुजीत कपूर ने कहा 'पिछले कुछ दिनों में ऐसी स्थिति बनी है जहां अरुणाचल में कई जगहों पर पीएलए से आमना-सामना हुआ है और यह सिलसिला अभी भी जारी है।'
खरगे ने कहा कि गलवन में भारतीय सेना के 20 बहादुर जवानों की शहादत के बाद चीन से आयात में 102 प्रतिशत की भारी वृद्धि हुई है। भारत का चीन से व्यापार घाटा 155 प्रतिशत बढ़कर 112 अरब डालर तक पहुंच गया है।
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने भी माना है कि चीन भारतीय निर्यात में बाधा डालता है। बावजूद सरकार चीनी निवेश पर लगी पाबंदियों में ढील दे रही है और क्या 'मेक इन इंडिया' अब 'चीन से आयात' में बदल गया है?
कूटनीतिक जवाबदेही की बात उठाते हुए खरगे ने पूछा कि पीएम मोदी और शी जिनपिंग की 23 मुलाकातें-बातचीत, एनएसए अजीत डोभाल के साथ विशेष प्रतिनिधियों के 25 दौर की वार्ता, डब्लूएमसीसी की 36 बैठकें और एससीओ तथा ब्रिक्स सम्मेलन में मुलाकातों और वार्ताओं का नतीजा क्या निकला? क्या मई 2020 से पहले भारत को प्राप्त पेट्रोलिंग के अधिकार पूरी तरह बहाल हो गए हैं?
पीएम मोदी की चीन नीति पर सवाल
खरगे ने कहा कि बेशक हमें अपने सशस्त्र बलों पर पूरा भरोसा है लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जवाबदेही जरूरी है न कि केवल गले मिलने वाली कूटनीति।
कांग्रेस के संचार महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि भारत उस 'क्लीन चिट' की कीमत चुका रहा है जो प्रधानमंत्री ने 19 जून 2020 को चीन को दी थी।
कांग्रेस मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने प्रेस कांफ्रेंस करते हुए कहा कि देश को 56 इंच के सीने वाले खोखले दावों की नहीं राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सवालों के स्पष्ट जवाब जवाब चाहिए।
पीएम पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वे 'सनकी आशिक' की तरह हैं जो चीन से जुड़े सवालों का जवाब देने के बजाय कांग्रेस पर ही हमला करते रहते हैं।
खेड़ा ने कहा कि हमारे सशस्त्र बलों में साहस की कोई कमी नहीं है उन्हें बस राजनीतिक स्पष्टता, जरूरी उपकरण और पूरा समर्थन चाहिए।
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