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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 22, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आइटीबीपी ने अपने सर्वश्रेष्ठ डाग और घोड़ा को विशेष पदकों से नवाजा, जानें क्या है इन दोनों की खासियत

By Dhyanendra Singh ChauhanEdited By:
Published: Fri, 22 Oct 2021 05:54 PM (IST)Updated: Fri, 22 Oct 2021 06:34 PM (IST)

भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP) के डीजी संजय अरोड़ा ने आइटीबीपी सर्विस K-9 (आइएसके) स्नोई- मलिनियोस नस्ल के कुत्ते और ...और पढ़ें

कुत्ते का नाम 'स्नोई' और घोड़े का नाम 'चैंपियन' है
कुत्ते का नाम 'स्नोई' और घोड़े का नाम 'चैंपियन' है

नई दिल्ली, एएनआइ। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में शुक्रवार को आइटीबीपी की 39वीं बटालियन की वार्षिक परेड आयोजित की गई। इस दौरान भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP) के डीजी संजय अरोड़ा ने आइटीबीपी सर्विस K-9 (आइएसके) 'स्नोई'- मलिनियोस नस्ल के कुत्ते और 'चैंपियन'- घोड़े को विशेष पदक प्रदान किए। 

आइटीबीपी ने बताया कि आठ साल के स्नोई (डाग) को समय रहते आइईडी (IED) का पता लगाने के लिए एक विशेष K-9 मेडल से सम्मानित किया गया। स्नोई ने विस्फोटक जांच ड्यूटी के दौरान कई बार आइईडी (IED) का पता लगाया और आइटीबीपी के जवानों की समय रहते जान बचाईं हैं। इसमें से स्नोई ने आईटीबीपी की 40वीं बटालियन के साथ छत्तीसगढ़ के बकरकट्टा में में भी एक आइईडी का भी पता लगाया था। 

इसके साथ ही आइटीबीपी ने बताया कि 11 वर्षीय घोड़े 'चैंपियन' को राष्ट्रीय घुड़सवारी चैंपियनशिप और अग्रणी फोर्स माउंटेड परेड के दौरान ठंड और ऊंचाई वाले सीमा क्षेत्रों में कर्तव्यों में लगे सभी वफादार टट्टू और खच्चरों के प्रतिनिधि के रूप में उसके शानदार प्रदर्शन के लिए भी सम्मानित किया गया है।

बता दें कि भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आइटीबीपी) ने 2016 से अपने सर्वश्रेष्ठ कुत्ते और घोड़े के पदक देना शुरू किया है।

आइटीबीपी के पर्वतारोहियों ने पूर्वी लद्दाख की दो चोटियां फतह कीं

वहीं, दूसरी ओर पिछले दिनों भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल (आइटीबीपी) के पर्वतारोहियों ने पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में स्थित दो पर्वत चोटियां फतह की। ये पर्वत चोटियां 6,250 मीटर और 6,099 मीटर की ऊंचाई पर स्थित हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया था कि छह अक्टूबर को उत्तर-पश्चिम सेक्टर के आइटीबीपी महानिरीक्षक लहारी दोरजी ल्हाटू के नेतृत्व में 20 पर्वतारोहियों के एक दल ने इन चोटियों पर तिरंगा लहराया।