मुंबई। एक महत्पूर्ण फैसला सुनाते हुए बांबे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को टिप्पणी की कि महिलाओँ के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना राज्य का मौलिक अधिकार है।

हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डी.एच. वाघेला और न्यायाधीश एम.एस. सोनक की ये टिप्पणी उस वक्त आयी है जब महिलाओँ के एक वर्ग ने महाराष्ट्र के एक मंदिर में प्रवेश पर रोक के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।

बांबे हाईकोर्ट की ये टिप्पणी उन महिलाओँ के पक्ष में है जो उन जगहों पर प्रवेश चाहती है जहां पर उन्हें पूजा करने से रोका जाता है।बांबे हाईकोर्ट ने टिप्पणी उस वक्त की जब कोर्ट के अंदर अहमदनगर जिले के शनि शिंगणापुर मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर रोक के खिलाफ जनहित याचिका पर सुनवाई चल रही थी।

महाराष्ट्र सरकार की तरफ से पेश हुए एडवोकेट जनरल रोहित देव ने कहा कि राज्य सरकार पूजा स्थलों पर किसी तरह के लिंगभेद के खिलाफ हैं।

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Posted By: Rajesh Kumar

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