नई दिल्ली, अनुराग मिश्र। सरकार ने बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (बीपीओ) और आईटी इंडस्ट्री के लिए जारी नए दिशा-निर्देशों के तहत वर्क फ्रॉम होम के नियमों में ढील दी है। नए नियमों के तहत कर्मचारियों के स्थाई रूप से घर से काम करने की सुविधा रहेगी। नए नियमों से अन्य सेवाप्रदाताओं के लिए घर से काम और ‘कहीं से भी काम’ के लिए अनुकूल माहौल बनेगा। इस तरह की कंपनियों के लिए समय-समय पर रिपोर्टिंग और अन्य प्रतिबद्धताओं को समाप्त कर दिया गया है।

नए नियमों के तहत विस्तारित एजेंट/रिमोट एजेंट की स्थिति (वर्क फ्रॉम होम/एनिवेयर) की कुछ शर्तों के साथ मंजूरी दी गई है। इसमें कहा गया है कि घर पर एजेंट को ओएसपी केंद्र का रिमोट एजेंट माना जाएगा और इंटरनकनेक्शन की अनुमति होगी। रिमोट एजेंट को देश में किसी भी स्थान से काम करने की अनुमति हो।

मंत्रालय का कहना है कि ये नए दिशा-निर्देश इंडस्ट्री को तीव्र गति प्रदान करने में मददगार होंगे। यह बदलाव भारत को विश्व के सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी आईटी क्षेत्रों में से एक बना देगा। नए दिशानिर्देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन दृष्टिकोण से प्रेरित हैं। नए दिशानिर्देश का उद्देश्य अनावश्यक नौकरशाही प्रतिबंधों को हटाना है, ताकि उद्योग नए उत्पादों और समाधानों पर ध्यान केंद्रित कर सके।

लचीलापन बढ़ाने के लिए दी गई छूट

ओएसपी के लिए रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है और डाटा से जुड़े काम में लगे हुए बीपीओ को ओएसपी नियमों के दायरे से बाहर कर दिया गया है। इसके अलावा, बैंक गारंटी जमा करना, स्थिर आईपी की आवश्यकता, नियमित रूप से रिपोर्टिंग की बाध्यता, दंड संबंधी उपबंधों आदि को भी हटा दिया गया है। इसी तरह, अन्य कई आवश्यकताएं जो कंपनियों को ‘घर से काम’ और ‘कहीं से भी काम’ करने की नीतियों को अपनाने से रोक रही थीं, उन्हें भी हटा दिया गया है। इस उद्योग में लचीलापन बढ़ाने के लिए अतिरिक्त छूट दी गई है।

क्या है ओएसपी

ओएसपी ऐसी कंपनियां हैं, जो दूरसंचार संसाधनों का इस्तेमाल कर ऐप्लिकेशन सेवाएं, आईटी से जुड़ी सेवाएं या किसी प्रकार की आउटसोर्सिंग सेवाएं देती हैं। इस तरह कंपनियों को बीपीओ, नॉलेज प्रोसेस आउटसोर्सिंग (केपीओ), आईटीईएस और कॉल सेंटर कहा जाता है।

ओएसपी के लिए हैं ये दिशा-निर्देश

-भारत में ओएसपी केंद्रों के लिए रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं होगी

-ओएसपी घर से काम, कहीं से भी काम, इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरिंग के तहत ऑपरेट कर सकेगा

कर्मचारियों के लिए यह लाभ

-अगर काम घर से संभव है तो छोटे शहरों के लोगों के लिए अवसर बढ़ेंगे। वे अपनी जगह से ही काम कर सकेंगे

-महिलाएं घर से काम कर सकती हैं

-शारीरिक रूप से अक्षम लोग इंडस्ट्री को अधिक ज्वॉइन कर सकते हैं

-पार्ट टाइम करने वालों को बढ़ावा मिलेगा

इंडस्ट्री के लिए ये फायदे

-बिजनेस को बढ़ाना देना आसान होगा

-देश भर में अपने केंद्र बढ़ा सकते हैं। वहां कर्मचारी की नियुक्ति कर सकते हैं

-डीओटी के लोकल सेल से अब अनुमति लेने और रजिस्ट्रेशन कराने के झंझट से मुक्ति मिलेगी

-आप वर्चुअल ऑर्गेनाइजेशन बना औऱ स्थापित कर सकते हैं

-आपको बड़े शहरों में अपनी कंपनी बनाने की जरूरत नहीं है। वहां पर एक छोटे ऑफिस से काम चला सकते हैं

-इंडस्ट्री अधिक प्रतिस्पर्धी होगी

भारत में बढ़ेगा आउटसोर्सिंग और निर्यात राजस्व- आशीष अग्रवाल

नैस्कॉम के पब्लिक पॉलिसी हेड आशीष अग्रवाल कहते हैं कि नए बदलाव बेहतर हैं। सरकार ने इंडस्ट्री की सारी मांगें मान ली हैं। इसमें बड़ी राहत यह है कि कुछ सुरक्षा शर्तों के साथ आपको सरल तरीके से काम करने की छूट है। इसके मायने ये है कि बीपीओ और बीपीएम इंडस्ट्री जो 30 साल में मैच्योर हो चुके हैं, उनको इससे काफी फायदा होगा। इस रिफॉर्म के बाद भारत में ग्लोबल आउटसोर्सिंग जल्दी-जल्दी बढ़ेगी और ज्यादा एक्सोपोर्ट रिवेन्यू बढ़ेगा।

अग्रवाल कहते हैं कि वर्क फ्रॉम होम को स्थाई करना फायदेमंद होगा। कोई भी संस्थान अपनी वर्कफोर्स को रिमोट वर्किंग के हिसाब से संचालित कर सकता है। इसका फायदा इंडस्ट्री को यह होगा कि वह कहीं से भी योग्य व्यक्ति को चुनकर उसे उसके स्थान से काम करा सकती है। क्लाउड सर्विसेज को अनुमति दी गई है। क्लाउड के माध्यम से ही अब सर्विस को मैनेज किया जा सकेगा।

शानदार कदम- मोहनदास पाई

इंफोसिस के पूर्व बोर्ड सदस्य टीवी मोहनदास पाई का कहना है कि सरकार का देश के सभी नागरिकों के लिहाज से लिया गया यह शानदार कदम है। इसे बेहतरीन सुधारों की श्रेणी में रखा जा सकता है।

नौकरियों की संभावनाएं बढ़ेंगी-केशव आर मुरुगेश

नैस्कॉम के पूर्व चेयरमैन और डब्ल्यूएनएस ग्लोबल सर्विसेज के सीईओ केशव आर मुरुगेश का कहना है कि इससे आईटी और बीपीएम बाजार में ग्रोथ बढ़ेगी। इससे नौकरियां सृजित होंगी। साथ ही छोटे कस्बों, टाइर-3 और 4 शहरों में विकास बढ़ेगा। सरकार का यह कदम शानदार और सराहनीय है।

कंपनियों के इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत बचेगी- रितेश देवकर

माइलस्टोन सिस्टम इंडिया के कंट्री मैनेजर रितेश देवकर हर नीति के दो पहलू होते हैं। कंपनी की कॉस्ट काफी कम हो जाएगी। कंपनियों का इंफ्रास्ट्रक्टचर मैट्रो शहरों में स्थापित करना काफी महंगा होता है। इससे कंपनियों की लागत में फर्क आएगा। वर्क फ्रॉम मॉडल से कंपनियों को कई फायदे हुए थे। कर्मचारियों के संदर्भ में देखें तो कुछ लोग सोचेंगे कि यह बेहतर है और कुछ को बेहतर नहीं लगेगा। मैट्रो शहरों में ट्रैफिक में लगने वाले समय की बचत होगी। वहीं छोटे शहरों में लोगों के लिए मौके बढ़ेंगे। ऐसे में विभिन्न शहरों से मैट्रो शहरों में आए लोग अपने घरों से काम कर सकेंगे। इससे कंपनियों की उत्पादकता में कोई फर्क नहीं पड़ेगा। सरकार की ये शानदार पहल है।

सुरक्षा तंत्र को करना होगा मजबूत- निखिल कोरगांवकार

आर्कसर्व के भारत और सार्क के रीजनल डाइरेक्टर, निखिल कोरगांवकार कहते हैं कि जब कोई घर से काम करता है तो आपको लैपटॉप दिए जाते हैं। लैपटॉप पर कई ऐसे एप्लीकेशन होते हैं जो सर्वर से कनेक्ट होते हैं। जब लैपटॉप आप घर पर लेकर जाते हैं तो थ्रेट वेक्टर बढ़ जाते हैं। हर 14 सेकेंड में रेनसेमवेयर हमला हो रहा है। माइक्रोसॉफ्ट की थ्रेट रिपोर्ट, जून-2020 के अनुसार सबसे अधिक साइबर हमले भारत में हो रहे हैं। कंपनियों को सिक्योरिटी लेयर बढ़ानी होगी। कंपनियों को डाटा प्रोटेक्शन को मजबूत करना होगा। इससे डाटा को फिर से सुरक्षित करने और बिजनेस को सुचारु तौर पर चलाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा लोगों को भी बताना होगा कि किस सोर्स से मेल खोले, कब खोले और कहां खोलें। जैसे कोरोना वायरस को लेकर जागरुकता फैलाई जा रही है वैसी ही हमें डाटा सिक्योरिटी और वायरस के लिए भी अवेयरनेस बढ़ानी होगी। साइबर वारफेयर के तहत कंपनियों, सरकारी संस्थानों पर हमले हो रहे हैं। ऐसे में डाटा प्रोटेक्शन और डाटा सिक्योरिटी को पुख्ता करना होगा।

इंडस्ट्री को होगा फायदा- सचिन शर्मा

एडाटा के कंट्री मैनेजर सचिन शर्मा कहते हैं कि वर्क फ्रॉम होम आईटी सेक्टर में बूम आया है। कर्मचारियों को इससे फायदा होगा। इससे लोगों के समय की बचत होगी। आईटी कंपनियों के उत्पादों की ब्रिक्री बढ़ेगी। कोरोना के अंदर जहां अन्य इंडस्ट्री दिक्कत महसूस कर रही थी वहीं आईटी इंडस्ट्री बढ़ी है। गेमिंग सेगमेंट, कंप्यूटर, लैपटॉप, राउटर सेगमेंट आदि में बढ़ोतरी हुई है। इसका फायदा आने वाले समय में भी होगा।  

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