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भारत में दंगे, हिंदुओं पर हमला और वसूली मॉडल: ISI ने बांग्लादेश में शुरू किया ये खूंखार ऑपरेशन

Published: Wed, 07 Jan 2026 08:26 PM (IST)

पाकिस्तान की आईएसआई और जमात-ए-इस्लामी बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं को निशाना बना रही हैं, ताकि इसे एक इस्लामी राष्ट्र ...और पढ़ें

आईएसआई और जमात बांग्लादेश में बना थे हिंदुओं को निशाना

आईएसआई और जमात बांग्लादेश में बना थे हिंदुओं को निशाना

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान वर्षों से जिस तरह की अल्पसंख्यक विरोधी रणनीति अपना रहा है, अब बांग्लादेश में भी उसी तरह बड़े पैमाने पर इसे अंजाम दिया जा रहा है।

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ और जमात-ए-इस्लामी हिंदुओं समेत अन्य अल्पसंख्यकों का सफाया करना चाहते हैं, ताकि बांग्लादेश एक पूर्ण इस्लामी राष्ट्र बन सके। हिंदुओं की हत्याओं को अंजाम देने वाले लोग जबरन वसूली का रैकेट चलाकर पैसा कमाना चाहते हैं।

ISI की बड़ी साजिश हर बांग्लादेशी को भारतीयों, हिंदुओंऔर अन्य अल्पसंख्यकों से नफरत करवाना है। उसे ऐसा लगता है कि इन हत्याओं का असर भारत में पड़ेगा और सांप्रदायिक दंगे भड़केंगे। इन हत्याओं के जरिए वे भारत में हिंदुओंको भड़काना चाहते हैं ताकि दंगे दूर-दूर तक फैल जाएं।

पाकिस्तान का भी इन हत्याओं में हाथ

खुफिया ब्यूरो अधिकारी खुफिया ब्यूरो के एक अधिकारी ने कहा कि इन हत्याओं के रुकने की संभावना नहीं है। इन कट्टरपंथियों को मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली सरकार का समर्थन प्राप्त है। चल रही जांचों को देखें तो साफ पता चलता है कि पुलिस इस मामले को सुलझाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रही है।

बल्कि पुलिस मामलों को कमजोर कर रही है और गिरफ्तार किए गए लोगों को भी सजा नहीं दी जा रही है।प्रशासन को पता है कि अगर कड़ी सजाएं दी गईं, तो इस तरह की लक्षित हत्याएं बंद हो सकती हैं। जिस तरह से मामलों को निपटाया जा रहा है और हत्याएं हो रही हैं, उससे साफ पता चलता है कि पाकिस्तान का इसमें काफी दखल है।

धार्मिक पहचान को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का हो रहा प्रयास पाकिस्तान स्पष्ट रूप से पड़ोसी देशों को अस्थिर करने के लिए धार्मिक पहचान को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा है।

जबरन वसूली और हत्याओं से सांप्रदायिक दंगे भड़काने की साजिश

इसने जम्मू-कश्मीर, काबुल और अब बांग्लादेश में ऐसा किया है। इसके अलावा, आइएसआइ यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है कि ढाका की रणनीतिक स्वायत्तता कमजोर हो जाए और देश हर समय असुरक्षित रहे।

साथ ही, आइएसआइ ने बांग्लादेश में हो रही सभी गलत घटनाओं के लिए नई दिल्ली को दोषी ठहराकर इसमें भारत का एंगल भी जोड़ दिया है। चुनाव टालने के लिए पूरे देश को भारत विरोधी बनाने की कोशिश आम चुनावों में अब सिर्फ एक महीना बचा है, लेकिन आइएसआइ पूरे देश को भारत विरोधी बनाने की कोशिश कर रही है।

चुनाव टालने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। इस सप्ताह भारत विरोधी छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या की गहन जांच की मांग को लेकर न्याय के लिए एक मार्च निकाला गया। यह मार्च हादी की मौत के लिए न्याय मांगने से कहीं अधिक बांग्लादेश में भारतीयों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर था।

कट्टरपंथियों के लिए हिंदुओं की हत्या 'जबरन वसूली का माडल'

खुफिया ब्यूरो के अधिकारियों का कहना है कि एक खतरनाक मिसाल कायम हो रही है। बांग्लादेश में हिंदुओंको निशाना बनाना आइएसआइ और जमात की एक बड़ी साजिश है। हालांकि, जमीनी स्तर पर हिंदुओंकी हत्याएं करने वाले कट्टरपंथियों के लिए यह एक पूर्ण पैमाने पर जबरन वसूली का माडल बन गया है।

बसे बड़ी चिंता की बात तो यह है कि सरकार इसे रोकने के लिए कुछ नहीं कर रही है। अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओंकी हत्याओं के अधिकांश मामलों में, हत्यारे पहले पैसे की मांग करते हैं और पैसे न मिलने पर उनकी हत्या कर देते हैं। ये हत्यारे व्यवस्था का पूरा फायदा उठा रहे हैं और जल्दी पैसा कमाने की कोशिश कर रहे हैं।

हालांकि, उन्होंने इस तरह की कोई विशेष 'हिट-लिस्ट' नहीं बनाई है। वे कभी भी किसी भी व्यक्ति को निशाना बनाते हैं। वे उससे संपर्क करते हैं, पैसे मांगते हैं और पैसे न मिलने पर उसकी हत्या कर देते हैं। ये हत्याएं पूरी तरह से सुनियोजित हैं।

(न्यूज एजेंसी आईएएनएस के इनपुट के साथ)